कानपुर देहात। रूरा क्षेत्र के गुटैया गांव में करीब छह साल पहले विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे पर लटकने से मौत हो गई थी। मृतका के पिता ने दहेज की मांग पूरी न होने पर पति व सास पर पुत्री की हत्या करने का मुकदमा दर्ज कराया था। जिसकी सुनवाई करते हुए अदालत ने शुक्रवार को पति को दोषसिद्ध करते हुए सजा के बिंदु पर सुनवाई के अगली तिथि तय की है।
विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि शिवली क्षेत्र के गांव बैरी सवाई निवासी रामप्रकाश मिश्रा ने रूरा थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जिसमें बताया था कि उसने पुत्री गोल्डी का विवाह रूरा क्षेत्र के गुटैया निवासी अखिलेश दीक्षित के साथ किया था। विवाह के बाद से पति व सास अतिरिक्त दहेज में तीन लाख रुपये की मांग कर उसकी पुत्री को प्रताड़ित कर रहे थे।
19 मई 2018 अतिरिक्त दहेज की मांग पूरी न होने पर पति अखिलेश व सास आशा देवी ने उसकी पुत्री की हत्या कर उसे फंदे से लटका दिया। पुलिस ने मामले की विवेचना करते हुए पति और सास के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में पेश किए थे। मामले की सुनवाई अपर जिला जज पंचम की अदालत में चल रही थी। शुक्रवार को अदालत ने मामले की सुनवाई करते हुए दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी पति अखिलेश दीक्षित को दोषसिद्ध कर सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 10 फरवरी की तिथि नियत की है। वहीं साक्ष्य के अभाव में सास आशा देवी को अदालत ने दोषमुक्त कर दिया है।