उत्तर प्रदेश के कानपुर देहात में सजेती थानाक्षेत्र के एक गांव में युवती से दहेज लोभियों ने हैवानियत की हदें पार कर दीं। पति ने पहले अपने फौजी चाचा से दुष्कर्म करवाया। इसके बाद गर्भवती होने की दशा में दोस्त से मिलकर दुष्कर्म करवाया। पीड़िता थाने में चक्कर लगाती रही, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के निर्देश पर शुक्रवार को सजेती थाने में चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई है।
पड़ोसी जनपद फतेहपुर के एक थाना क्षेत्र की युवती ने बताया कि 19 फरवरी 2015 को उसका विवाह सजेती कस्बे के एक गांव निवासी दिलीप कुमार से हुआ था। शादी में पिता ने नगदी व जेवर दिए थे। आरोप है कि पति और ससुराल वाले दहेज में एक लाख रुपये और मांग रहे थे। मांग पूरी न होने पर ससुराल में प्रताड़ित किया जाने लगा।
7 अप्रैल को पति ने हैवानियत का और एक खेल खेला
डेमो पिक
30 अक्तूबर 2015 को पति ने अपने चाचा सुधीर से दुष्कर्म करवाया। बताया कि हाथ-पैर रस्सी से बेड में बांध दिए। सुधीर फौज में नौकरी करता है, छुट्टी पर घर आया था। युवती ने बताया कि घटना के कुछ दिन बाद गर्भवती हो गई। 7 अप्रैल 17 को पति ने हैवानियत का और एक खेल खेला। देर शाम दिलीप अपने एक मित्र के साथ घर पहुंचा। दोस्त के साथ शराब पी। पति ने दोस्त के साथ मिलकर दुष्कर्म किया।
कानपुर में ऑपरेशन से एक बच्ची को जन्म दिया
किसी तरह वह ससुराल से भाग कर 10 मार्च 2017 को मायके पहुंची। कुछ दिन बाद ही कानपुर एक अस्पताल में ऑपरेशन से एक बच्ची को जन्म दिया। सामान्य होने पर वह पति और ससुराल वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने को पुलिस के पास पहुंची। पुलिस ने नहीं सुनी। परेशान युवती ने अदालत की शरण ली। थानाध्यक्ष राजेंद्र रावत ने बताया कि अदालत के निर्देश पर युवती के पति, ननद, देवर और चचिया ससुर के खिलाफ दहेज प्रताड़ना, मारपीट और रेप की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई है।