फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kanpur: ट्रेन के आगे कूदी महिला, बचाने में पति की भी मौत, परिजनों में मचा कोहराम

Sun, 14 May 2023 11:41 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

कानपुर के बिल्हौर में ट्रेन की चपेट में आने से पति-पत्नी की मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक पत्नी ने ट्रेन के आगे छलांग लगा दी बचाने में पति भी चपेट में आ गया। हादसे में दोनों की मौत हो गई। 
विज्ञापन
मृतक पति-पत्नी की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कानपुर के बिल्हौर में धौरसलार रेलवे स्टेशन पर पति से बहस के बाद महिला तेजी से आ रही ट्रेन के आगे कूदने चली, उसे बचाने के चक्कर में पति भी ट्रेन की चपेट में आ गया। हादसे में दोनों की मौत हो गई। आसपास मौजूद लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शिनाख्त कर परिवार को सूचना देने के बाद शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए।

विज्ञापन


हितकारी नगर काकादेव निवासी संतोष गुप्ता (50) घर में ही जनरल स्टोर चलाते थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, रविवार दोपहर दोनों धौरसलार रेलवे स्टेशन पर खड़े थी। इस बीच कानपुर की ओर जा रही एक्सप्रेस ट्रेन को देखकर उनकी पत्नी निर्मला (48) पटरी पर कूदने लगीं। पास खड़े संतोष ने खींचने का प्रयास किया लेकिन इस बीच दोनों ही तेजी से गुजर रही ट्रेन की चपेट में आ गए। हादसे में दोनों के शव क्षत-विक्षत होकर 50 मीटर दूर तक बिखर गए। आसपास लोगों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच की।

इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह ने बताया कि तलाशी के दौरान जेब में पर्ची में मोबाइल नंबर लिखा मिला। संपर्क करने पर हितकारी नगर काकादेव निवासी दीप गुप्ता ने हुलिया व कपड़ों के आधार पर मृतकों की पहचान अपने पिता और मां निर्मला के रूप में की। इंस्पेक्टर ने कहा कि शुरूआती जांच में आत्महत्या का मामला लग रहा है। हालांकि घर से पचास किलोमीटर दूर आकर आत्महत्या करने की बात किसी को पच नहीं रही। इसीलिए पुलिस इस बात की तफ्तीश कर रही है कि दोनों कैसे और कब रेलवे स्टेशन पहुंचे।
विज्ञापन

काकादेव में घर पर है जनरल स्टोर
बेटे दीप गुप्ता ने बताया कि पिता घर पर ही जनरल स्टोर की दुकान चलाते थे। शनिवार को पिताजी मां के साथ रावतपुर स्थित ससुराल में आयोजित सुंदरकांड में शामिल होने गए थे। वह भी पत्नी के साथ वहां गया था। देर रात मां और पिताजी घर लौट आए थे। सुबह जब वह पत्नी के साथ घर पहुंचा तो दरवाजे खुले पड़े थे और घर पर कोई नहीं था। इसके बाद परिवार के लोग उन्हें ढूंढ रहे थे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें