कानपुर देहात। कानपुर नगर के सजेती थाना क्षेत्र के सिमना बदलेपुर में एक महिला का शव फंदे पर लटका मिला था। इस मामले में पिता ने दहेज हत्या का आरोप लगा प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इस मुकदमे की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायालय में चल रही थी। बृहस्पतिवार को अदालत ने बचाव और अभियोजन पक्ष की दलील सुनने के बाद अभियुक्त पति और उसके पिता को दोषी ठहराते हुए 10 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई। साथ ही अर्थदंड भी लगाया है।
देवराहट के बम्हरौली घाट निवासी रामऔतार ने सजेती थाना में जून 2018 में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि पुत्री रीता की शादी करीब एक वर्ष पूर्व सजेती के सिमना बदलेपुर निवासी चंद्रशेखर के साथ की थी। आरोप लगाया था कि शादी के बाद से ससुराली दहेज में अतिरिक्त मांग कर बेटी को प्रताड़ित करते थे और उसकी हत्या कर शव गांव के बाहर बबूल के पेड़ पर लटका दिया। पुलिस ने जांच के बाद पति चंद्रशेखर, ससुर गुजराती उर्फ गजराज आदि के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। साथ ही आरोप पत्र अदालत में पेश किए थे। इस मुकदमे की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायालय में चल रही थी। बृहस्पतिवार को अदालत में सुनवाई हुई। अदालत ने अभियुक्त पति चंद्रशेखर, ससुर गुजराती उर्फ गजराज को दोष सिद्ध करते हुए 10 साल की सजा सुनाई। साथ ही चार-चार हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।