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Kanpur: चलती ट्रेन से उतरी पत्नी को बचाने में पति की भी मौत, चार बच्चों के सिर से उठा मां-बाप का साया

Sat, 02 Sep 2023 06:08 AM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: इसके बाद वह ट्रेन और प्लेटफार्म के बीच जाकर गिर गई। पत्नी को बचाने के लिए पति भी चलती ट्रेन से उतर गया। हादसे में पत्नी की ट्रेन से कटकर मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पति की इलाज के दौरान हैलट में मौत हो गई।
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रईस और तबस्सुम... - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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फर्रुखाबाद से पति और भाई के साथ आ रही आशा कार्यकर्ता कल्याणपुर रेलवे स्टेशन पर चलती ट्रेन से उतर गई। इसके बाद वह ट्रेन और प्लेटफार्म के बीच जाकर गिर गई। पत्नी को बचाने के लिए पति भी चलती ट्रेन से उतर गया। हादसे में पत्नी की ट्रेन से कटकर मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पति की इलाज के दौरान हैलट में मौत हो गई।

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फर्रुखाबाद के जहानगंज के पतौला गांव निवासी आशा कार्यकर्ता तबस्सुम (50) को काफी दिनों से पेट में तकलीफ थी। शुक्रवार को पति मो. रईस (52) व भाई जुबैर के साथ फर्रुखाबाद पैसेंजर ट्रेन से कल्याणपुर में डॉक्टर को दिखाने आ रही थीं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोपहर करीब डेढ़ बजे ट्रेन कल्याणपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंची।
मो. रईस और जुबैर भीड़ से बचते हुए किसी तरह ट्रेन से नीचे उतर गए।  तबस्सुम अधिक भीड़ के कारण ट्रेन से नहीं उतर पाईं। ट्रेन के चलने के बाद वह गेट तक पहुंचीं और उतरने का प्रयास करने लगीं। तभी लड़खड़ाकर प्लेटफार्म और ट्रेन के बीच की खाली जगह में चली गईं और ट्रेन से कटकर उनकी मौत हो गई।

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ट्रेन और प्लेटफार्म के बीच में फंस गए
यह देख मो. रईस भी पत्नी की ओर दौड़े तो वे भी ट्रेन और प्लेटफार्म के बीच में फंस गए। उनका पैर टूट गया और सिर व कंधे पर गंभीर चोटें आईं। मृतका के भाई जुबैर उन्हें हैलट ले गए। यहां उपचार के दौरान उनकी भी मौत हो गई।

ट्रेन में थी ठसाठस भीड़, दीदी के उतरने से पहले ही ट्रेन चल दी
हादसे के वक्त आशा कार्यकर्ता तबज्जू व उनके पति मो. रईस (52) के साथ उनका भाई जुबैर भी था। जुबैर ने बताया कि उनकी बहन तबज्जू को कुछ दिनों से पेट में काफी समस्या थी। फर्रुखाबाद में कई अस्पतालों में दिखाया, लेकिन आराम नहीं मिला। एक परिचित से कल्याणपुर में एक डॉक्टर के बारे में सुना तो फोन से नंबर लिखवा दिया था। डॉ. सुबह 11 बजे से दोपहर दो बजे तक ही अपने क्लीनिक में बैठते हैं।

ट्रेन की चपेट में आने से हो गई मौत
तबज्जू, रईस और जुबैर दोपहर करीब डेढ़ बजे कल्याणपुर रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। डॉक्टर के उठने का समय होने के कारण तीनों जल्दबाजी में थे। जुबैर के अनुसार जल्दबाजी में ट्रेन रुकते ही पहले उनके जीजा रईस उतरे फिर वह खुद ट्रेन से उतर गए। बताया ट्रेन में ठसाठस भीड़ थी, दीदी किसी तरह निकल कर गेट तक पहुंची ही थीं कि अचानक ट्रेन चल दी...। जमीन पर तबज्जू का पैर पड़ते ही वह असंतुलित होकर सीधे पटरी पर चली गईं, जिससे ट्रेन की चपेट में आने से उनकी मौत हो गई।
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चार औलादों के सिर से उठा माता पिता का साया
जुबैर के अनुसार उनके जीजा मो. रईस मेहनत मजदूरी कर किसी तरह परिवार का पेट पालते थे। उनकी चार औलादें हैं, जिनमें दो बेटियों में इलिमा, सिदरा व दो बेटे हारून व अमन हैं। घर के खर्च ठीक से न चल पाने के कारण बहन तबज्जू आशा कार्यकर्ता के तौर पर अपनी सेवाएं दे रही थीं। दंपती की मौत से चारों बच्चों के सिर से उनके माता-पिता का साया उठ जाने की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। 
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