बिल्कुल अकेली हो गई है शिवदेवी
अपनी करतूत पर पर्दा डालने के लिए बच्चों पर फर्राटा पंखा डालकर, करंट से मौत की बात कही थी। हालांकि बाद में उसने खुद ही अपना गुनाह कबूल लिया था। पत्नी ने पति वीरेंद्र के खिलाफ चार बच्चों की हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। चारों बच्चों की हत्या और पति के जेल जाने के बाद से शिवदेवी बिल्कुल अकेली हो गई है।
प्रशासन से मिला था आश्वासन, अब तक नहीं मिली है सहायता
पीड़िता के मुताबिक घटना के बाद तहसील से पहुंचे प्रशासनिक अधिकारियों ने हर संभव सहायता का आश्वासन दिया था। लेकिन कुछ नहीं मिला। शिवदेवी के मुताबिक वह पाई-पाई के लिए मोहताज हैं। वह कुछ दिन गांव में जेठानी अनीता के साथ तो कुछ समय मायके, रायबरेली जिले के गुमास्टा में रहती हैं।
बोली- पति को सख्त सजा मिलनी चाहिए
फोन पर बताया कि अन्य सुविधाएं तो दूर उसे राशन तक नहीं मिल पा रहा है। पति को जेल से छुड़ाने की बात पर वह भड़क गईं। बोलीं वह मेरे बच्चों का हत्यारोपी है, उससे मेरा कोई संबंध नहीं। 29 अगस्त को पेशी तारीख लगी है। पति को सख्त सजा मिलनी चाहिए।
एसडीएम बोले- मामले में पूरी जानकारी नहीं
प्रशासनिक सहायता न मिलने पर जब एसडीएम क्षितिज द्विवेदी से बात की गई तो बताया कि शिवदेवी की समस्याओं का निस्तारण हुआ या नहीं इस मामले में पूरी जानकारी नहीं है। महिला दोबारा आई भी नहीं। फिर भी जो संभव होगा कराया जाएगा।
जानें क्या था पूरा मामला
लालमनखेड़ा गांव में 19 नवंबर को दर्दनाक हादसा हुआ था। करंट की चपेट में आकर एक ही परिवार के चार बच्चों की मौत हो गई थी। बच्चों की मां ने पति के खिलाफ हत्या और जान से मारने की धमकी का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने 11 दिन बाद वीरेंद्र पासी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था।
कीटनाशक खिलाने के बाद मुंह दबाने से हुई थी मौतें
तहरीर के मुताबिक शिवदेवी 19 नवंबर को खेत पर धान काट रही थी। गांववालों से सूचना मिली कि चारों बच्चों की करंट लगने से मौत हो गई। घर आने पर बच्चों के शव पड़े हुए मिले थे। वहीं, मामले में आरोपी पिता ने अपना जुर्म कबूल कर लिया था। उसने बताया कि चार मासूमों की मौत करंट लगने से नहीं, बल्कि गेहूं में डालने वाली कीटनाशक दवा खिलाने के बाद मुंह दबाने से हुई थी।
गांव की एक महिला से थे अवैध संबंध
आरोपी ने बताया था कि गांव की एक महिला से संबंध को लेकर पत्नी से रोज-रोज के झगड़े से ऊबकर उसने यह हैवानियत भरा कदम उठाया है। उसके जुर्म स्वीकारने के बाद पत्नी ने थाने में तहरीर दी थी। पुलिस ने आरोपी पति को हिरासत में लिया था। पिता के कबूलनामे ने पुलिस की लीपापोती से पर्दा उठा दिया था।
करंट से मौत की बात ही कह रही थी पुलिस
रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना में हैरतअंगेज पहलू यह है कि अभी जिले की पुलिस बयां की गई हकीकत से कदम पीछे कर करंट से मौत की बात ही कह रही है। बारासगवर थाना क्षेत्र के गांव लालमनखेड़ा में 19 नवंबर को वीरेंद्र कुमार पासवान के बेटे मयंक (9), बेटी हिमांशी (8), हिमांक (6) और मांशी (4) के शव घर में पड़े मिले थे।
पूरे घटनाक्रम की थ्योरी ही बदल गई थी
शवों के ऊपर बिजली का पंखा (फर्राटा) पड़ा हुआ था। पंखा देख सभी ने करंट से मौत होने की आशंका जताई थी। पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराया था। रिपोर्ट में जहर देने के साथ गला दबाने से मौत की पुष्टि हुई थी। लेकिन, पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की थ्योरी ही बदल दी थी।