कानपुर। प्रदेश की महिला और पुरुष टीम के लिए तेज गति के गेंदबाजों की तलाश है। यह भविष्य में घरेलू सीरीज पर उत्तर प्रदेश की जूनियर और सीनियर टीम में खेल सकेंगे। उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (यूपीसीए) शहर में 28 से 30 जून तक स्पीड हंट अभियान चला रहा है, जिसके लिए 1695 गेंदबाजों ने पंजीयन कराया है। यह अभियान अलग अलग जिलों में चल रहे हैं। पूरे राज्य से 9500 से अधिक खिलाड़ी रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं।
कानपुर से पहले तेज गेंदबाजों के ट्रायल गाजीपुर और प्रयागराज में हुए थे। अब गोरखपुर, लखनऊ, कानपुर, आगरा और मेरठ मंडल के खिलाड़ियों की प्रतिभा को परखा जाएगा। यूपीसीए के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अंकित चटर्जी ने बताया कि स्पीड हंट को प्रदेश भर में समर्थन मिल रहा है। गाजीपुर में 1041 और प्रयागराज में 986 गेंदबाजों ने अपनी गति का प्रदर्शन किया था। गोरखपुर में 1526 खिलाड़ियों के ट्रायल 20 जून से शुरू हो गए हैं। लखनऊ में 24 से 26 जून तक होने वाले ट्रायल में 1891 खिलाड़ी भाग लेंगे। आगरा में दो और तीन जुलाई को 1245, मेरठ में चार से छह जुलाई तक 1241 खिलाड़ियों की रफ्तार का परीक्षण किया जाएगा। कुल 17 दिनों के अभियान में 9429 पुरुष और 196 महिला गेंदबाज हिस्सा लेंगे। सभी केंद्रों पर ट्रायल पूर्ण होने के बाद चयनित तेज गेंदबाजों का फाइनल परीक्षण किया जाएगा, जिसके आधार पर उत्तर प्रदेश की महिला और पुरुष क्रिकेट टीमों के लिए भविष्य के तेज गेंदबाज तैयार किए जाएंगे। भविष्य के श्रेष्ठ गेंदबाज प्राप्त होंगे।