ओमान में फंसी दो और महिलाओं को मुक्त कराया गया है। दोनों महिलाए ओमान स्थित भारतीय दूतावास पहुंच चुकी हैं। एक सप्ताह बाद ये दोनों भारत आ जाएंगी। महिलाओं को मुक्त कराने में क्राइम ब्रांच की अहम भूमिका रही।
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मानव तस्करी के मामले में क्राइम ब्रांच की टीम पिछले चार महीने से तफ्तीश कर रही है। तीन आरोपियों मुजम्मिल, अमीन और अतीकउर्रहमान को जेल भेज चुकी है। चार महिलाओं की भारत वापसी भी विदेश मंत्रालय की मदद से कराई है।
इसी कार्रवाई के दौरान उन्नाव की दो अन्य महिलाओं ने वॉयस रिकॉर्डिंग भेजकर मदद मांगी थी। डीसीपी क्राइम ने इस संबंध में पूरी जानकारी विदेश मंत्रालय को दी थी। अब उन दोनों महिलाओं ने वॉयस मैसेज भेजा है कि वो शेख के चुंगल से मुक्त हो चुकी हैं।
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भारतीय दूतावास के अफसर उनके संपर्क में हैं। जुलाई के आखिरी सप्ताह में वहां से वो भारत रवाना होंगी। अफसरों ने बताया कि बेकनगंज निवासी एक महिला अभी भी ओमान में फंसी है। जिसको मुक्त कराने का प्रयास जारी है।