ओमान में रोज 20 घंटे लगातार काम करने के बदले शेख मुझे सिर्फ चार घंटे की नींद और दो वक्त की सूखी रोटी देता था। छोटी-छोटी गलती पर इस कदर पीटा जाता था कि रोज लहूलुहान होना आम बात हो गई थी। यह आपबीती रविवार को ओमान से भारत लौटी मानव तस्करी की शिकार उन्नाव की महिला ने उसे लेने पहुंची कानपुर पुलिस को बताई।
दर्द भरी दास्तां को बताते हुए वह बार-बार फफक पड़ती। पीड़िता ने बताया कि यहां से लोगों को हसीन सपने दिखा कर ले जाया जाता है। असलियत उतनी ही घिनौनी है। उसे ओमान ले जाते वक्त बताया गया था कि हॉस्पिटल की लाउंड्री में काम करना होगा।
एक से दो लाख रुपये प्रति महीना हर हाल में मिलेगा ही और ऊपर से अच्छा काम करने पर महीने में 50 हजार रुपये की टिप कहीं नहीं गई। ओमान में उसे एक शेख के हवाले कर दिया गया। शेख ने अपने आलीशान घर में नौकर के लिए एक छोटा सा कमरा बनवा रखा था, जहां सिर्फ सोने और खाने के लिए भेजा जाता था।
20 घंटे तक लगातार काम करवाया जाता था। पीड़िता के अनुसार एक दिन शेख घर पर नहीं था तो उसके बेटे ने जोर जबरदस्ती करने की कोशिश की। तभी शेख वहां आ गया। शेख ने उल्टा उसे ही चाबुक से पीटा, जिससे उसका शरीर लहूलुहान हो गया।
5 जनवरी 2021 को गई थी ओमान
मानव तस्करी कर ओमान भेजी गई उन्नाव की महिला रविवार को भारत लौट आई। चेन्नई एयरपोर्ट से देर रात वह लखनऊ पहुंची, फिर उन्नाव लाई गई। वहीं महिला के घर लौटने पर परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। परिजनों ने क्राइम ब्रांच और विदेश मंत्रालय के अफसरों को धन्यवाद दिया। उन्नाव की महिला के साथ वहां फंसी इंदौर की भी एक महिला को लाया गया है, जिससे पूछताछ हो सकती है। महिला को 05 जनवरी 2021 को कर्नलगंज निवासी ट्रैवल एजेंट मुजम्मिल और अतीकउर्रहमान ने ओमान भेजा था। नौ दिन पहले महिला के पति ने दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। क्राइम ब्रांच ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।