जांच करने पहुंची मानवाधिकार आयोग की टीम
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चित्रकूट जिले में भरतकूप के पत्थर की खदानों में किशोरियों का मजदूरी के बदले यौन शोषण मामले की जांच करने के लिए मानवाधिकार आयोग की तीन सदस्यीय टीम मुख्यालय पहुंची। टीम में एक महिला अधिकारी भी शामिल हैं।
तीन दिन तक यह टीम भरतकूप के अलावा इस मामले से जुड़े सभी तथ्यों की जांच के लिए स्थलीय निरीक्षण कर पूछताछ करेगी। पहले दिन टीम के सदस्यों से जिले के अधिकारियों से पूरे मामले की फिर से जानकारी लेकर भरतकूप व पत्थर की खदानों के बारे में जानकारी ली।
सोमवार की शाम को दिल्ली से प्रयागराज फिर बाया सड़क मार्ग से चित्रकूट पहुंची मानवाधिकार आयोग की टीम में शामिल तीन अधिकारी इसम सिंह, लाल बहादुर व भावना ने मुख्यालय के डाक बंगले में रूककर अधिकारियों से मामले की जानकारी ली।
यह टीम मंगलवार को मुख्यालय से लेकर भरतकूप, गोंडा, अकबरपुर, डफाईका पुरवा व रौली समेत भरतकूप कस्बे में संचालित क्रशर मिलों का भी निरीक्षण कर पूरी जानकारी करेगी। गौरतलब है कि भरतकूप के पत्थर की खदानों में किशोरियों को मजदूरी के बदले यौन शोषण के आरोप की जांच चल रही है।
इसके लिए चित्रकूट के डीएम शेषमणि पांडेय ने छह सदस्यीय जांच टीम गठित की है। टीम के प्रभारी सदर एसडीएम एके पांडेय ने बताया कि वह जांच व पूछताछ पूरी हो चुकी है। रिपोर्ट भी पूरी हो गई है। मंगलवार को रिपोर्ट डीएम कार्यालय में जमा की जाएगी।
इसके अलावा राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग की उप्र की टीम भी यहां आकर जांच कर चुकी है। हाईकोर्ट ने रिट याचिका दायर होने के बाद मामले की रिपोर्ट मांगी है। जिस पर जिला जज ने निर्देश पर जांच चल रही है।