इसके बाद 24 जनवरी को भी मछुआरों के जाल में एक मानव सिर फंस गया, जोकि कंकाल हो चुका था। इसके भी दांत को डीएनए टेस्ट के लिए भेजे जाने का दावा पुलिस ने किया है। इस सबके बीच कन्नौज जनपद के भीमापुरगांव निवासी वीरेंद्र आशंकाओं से घिरा हुआ है।
वीरेंद्र ने हाथ अपने पिता का होने की आशंका जताई
दरअसल वीरेंद्र के पिता सोनेलाल (50) बीती 10 दिसंबर से लापता है। 13 दिसंबर को जब मानव हाथ गंगा में मिला था, तो वीरेंद्र ने हाथ अपने पिता का होने की आशंका जताई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। 24 जनवरी को मानव सिर मिलने के बाद उसने फिर से यही आशंका जताई है।
डीएनए टेस्ट की जांच रिपोर्ट का है इंतजार
बिलग्राम कोतवाल नारायण कुशवाहा ने बताया कि डीएनए टेस्ट की जांच रिपोर्ट अभी तक नहीं आई है। वीरेंद्र के पिता सोनेलाल के मामले पर उन्होंने कहा कि वह जनपद कन्नौज से लापता हुए थे। डीएनए रिपोर्ट मिलने के बाद ही किसी नतीजे पर पहुंचा जा सकता है।