सोमवार को पड़ने वाली अमावस्या को सोमवती अमावस्या कहते है। इस बार 3 जून आज सोमवती अमावस्या पड़ रही है। सोमवती अमावस्या हिंदू धर्म में विशेष धार्मिक महत्व रखती है। इस दिन सुहागिन महिलाओं द्वारा अपने पति की दीर्घायु कामना के लिए व्रत रखने का विधान है।
मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से किए गए पूजन का अक्षय फल प्राप्त होता है। ज्योतिषाचार्य व पंडित नरेंद्र दीक्षित के अनुसार सोमवती अमावस्या के दिन तुलसी जी का पूजन करने से भी मन चाहे फल की प्राप्ति होती है। सोमवार को भगवान शिवजी का दिन माना जाता है।
इसलिए सोमवती अमावस्या पर शिवजी की आराधना, पूजन-अर्चना उन्हीं को समर्पित होती है। सुहागन महिलाएं पति की दीर्घायु की कामना करते हुए पीपल के वृक्ष में शिवजी का वास मानकर उसकी पूजा और परिक्रमा करती हैं।
करें ये विशेष उपाय
- सोमवती अमावस्या के दिन पितरों को जल देने से उन्हें तृप्ति मिलती है और उनका आशीर्वाद प्राप्त होता है।
- सोमवती अमावस्या के दिन तुलसी परिक्रमा करें। इससे अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।
- इस दिन पीपल के पूजन से सौभाग्य की वृद्धि होती है।
- सोमवती अमावस्या के दिन पीपल की परिक्रमा करें इसके बाद गरीबों को भोजन कराएं।
- सोमवती अमावस्या के दिन मौन व्रत को धारण करने से पुण्य प्राप्ति होती है।
- इस दिन जरूरतमंदों को यथासंभव दान करें।
पीपल की पूजा का खास महत्व, ऐसे करें पूजा
- सूर्य उदय होने से पहले उठें।
- स्नान कर हल्के रंग के वस्त्र धारण करें।
- एक बर्तन में कच्चा दूध, जल, अक्षत, पुष्प और गंगाजल मिलाकर पीपल के वृक्ष की जड़ में अर्पित करें।
- महिलाएं पति की दीर्घायु के लिए पीपल के वृक्ष की परिक्रमा करें।
तुलसी पूजा का महत्व
- सोमवती अमावस्या के दिन तुलसी के पौधे के नीचे घी का दीया जलाएं।
- रोली, चावल, धूप, दीप से पूजा-अर्चना करें।
- तुलसी के पौधे की परिक्रमा करें।
- भगवान विष्णु और तुलसी जी से सौभाग्य वृद्धि की कामना करें।