उत्तर प्रदेश किसान समृद्धि आयोग के सदस्य प्रेम सिंह
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बुंदेलखंड में जल्द ही मानसून दस्तक दे सकता है। बारिश एक बार फिर लगभग तीन लाख हेक्टेयर क्षेत्रफल को तरबतर करेगी। यहां बारिश का वार्षिक औसत लगभग 867 मिलीमीटर है। हर बार की तरह बारिश का पानी तो बह ही जाएगा, साथ में खेतों की उपजाऊ मिट्टी भी बहा ले जाएगा। बारिश का पानी खेत में ही संरक्षित करने के लिए बुंदेली किसानों को थोड़ी बहुत कवायद और मशक्कत करनी पड़ेगी।
उनकी इस कोशिश में ‘अमर उजाला’ हमसफर बनेगा। इसके लिए कब? कैसे? और क्या करना है? यह जानकारी और सुझाव आपसे बुंदेलखंड के प्रगतिशील किसान और उत्तर प्रदेश किसान समृद्धि आयोग के सदस्य प्रेम सिंह (बड़ोखर खुर्द, बांदा) साझा करेंगे। उनसे आपको ऑनलाइन रूबरू कराने के लिए अमर उजाला कड़ी बनेगा।
शनिवार यानी 13 जून को दिन में ठीक 11 बजे ‘अमर उजाला’ के फेसबुक https:www.facebook.com/aukanpur/ पर आप इस कार्यक्रम में शामिल होकर वर्षा जल संरक्षण के सटीक टिप्स हासिल कर सकते हैं। इससे संबंधित कोई सवाल भी कर सकते हैं। इस कार्यक्रम में बुंदेलखंड के सातों जिलों बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, जालौन, झांसी और ललितपुर के किसान प्रतिभाग कर सकते हैं। अगले दिन ‘अमर उजाला’ इस कार्यक्रम का समाचार भी प्रकाशित करेगा।
प्रेम सिंह का परिचय
प्रगतिशील किसान प्रेम सिंह इलाहाबाद विश्वविद्यालय और ग्रामीण विकास प्रबंधन चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय से परास्नातक हैं। 1987 से लगातार खेती कर रहे हैं। इन्होंने आवर्तनशील खेती पर शोध किया है। अपने कृषि फार्म बड़ोखर खुर्द में किसानों को जैविक खेती का प्रशिक्षण देते हैं। खेती किसानी पर पुस्तकें लिखी हैं। लगभग 56 वर्ष की आयु में प्रेमसिंह अनुभवी किसान हैं। वर्तमान में उत्तर प्रदेश कृषक समृद्धि आयोग के सदस्य हैं।
ऐसे किसान हो सकेंगे शामिल
किसानों को सबसे पहले अपनी फेसबुक आईडी खोलनी है। फिर अमर उजाला कानपुर पर सर्च करना है। अगर सर्च नहीं करना चाहते तो अमर उजाला कानपुर पेज का लिंक दिया गया है। इस पर क्लिक करें। इससे अमर उजाला कानपुर का फेसबुक खुल जाएगा।