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Kanpur News: फायर सेफ्टी ऑफिसर की निगरानी में होंगे अस्पताल, इमारतें व होटल

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इटावा। झांसी मेडिकल कॉलेज में हुए अग्निकांड के बाद शासन ने आग की घटनाओं व जनहानि से बचाने को नई नियमावली जारी की है। इसमें जिला अस्पताल, बड़े निजी अस्पताल, बड़ी इमारत, होटल, बड़ी फैक्टरी आदि में फायर सेफ्टी ऑफिसर व सहायक फायर कर्मी की तैनाती अनिवार्य कर दिया है। यहां तैनात अधिकारी व कर्मी आग की घटना होने पर अग्निशमन टीम के पहुंचने से पहले भवन में लगे फायर सिस्टम का प्रयोग कर आग पर काबू पाने के साथ फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने का काम करेंगे।
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यह जानकारी मुख्य अग्निशमन अधिकारी सुभाष चौधरी ने दी। बताया कि नई नियमावली के अनुसार बड़ी इमारतों, होटल, अस्पताल, इंडस्ट्रीज़ आदि विशिष्ठ श्रेणी के भवनों के स्वामियों योग्यता वाले फायर सेफ्टी ऑफिसर तथा सहायक फायर कर्मी की नियुक्ति करनी होगी, जिनको मुख्य अग्निशमन अधिकारी कार्यालय से पंजीकरण प्रमाणपत्र लेना भी अनिवार्य होगा।
इसका उद्देश्य भवनों में नियुक्त किए गए फायर सेफ्टी ऑफिसर तथा सहायक फायर कर्मी भवन के अग्निसुरक्षा उपकरणों का नियमित रख-रखाव, टेस्टिंग , ट्रेनिंग और मॉक ड्रिल करेंगे। अग्निकांड होने पर अग्निशमन विभाग को सूचना देकर अग्निशमन उपकरणों का संचालन करते हुए आग को बुझाना और बचाव कार्य शुरू करेंगे।
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बता दें कि बड़े भवकों में यदि आग लगती है तो बड़ी तेजी से फैलती है और उनमें ज्यादा संख्या में लोगों के होने के कारण खतरा अधिक होता है इसलिए अग्निशमन विभाग के पहुंचने से पूर्व ही इस प्रकार के बड़े भवनों में होने वाले अग्निकांडों पर त्वरित कार्यवाही से जनहानि से रोकना है। सीएफओ सुभाष चौधरी ने कहा उच्चाधिकारियों के आदेश की प्रति निजी अस्पतालों, बड़े भवनों, होटल आदि को भेज दी गई। इसका कड़ाई से पालन करवाया जाएगा। निरीक्षण में अगर कहीं लापरवाही मिलती है तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी। (संवाद)


बाबा भीमराव आंबेडकर संयुक्त जिला अस्पताल में अग्निशमन अधिकारी सनद पटेल ने डॉक्टरों व कर्मियों को एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया। इस दौरान बताया गया कि अगर अस्पताल में आग की घटना हो जाती है तो तुरंत अग्निशमन विभाग को सूचना देंगे। इसके साथ ही अस्पताल में लगे अग्निशामक यंत्रों का प्रयोग कर आग बुझाने का प्रयास करेंगे।
साथ ही मरीजों व तीमारदारों को रैंप के माध्यम से सुरक्षित निकालने का प्रयास करेंगे। इससे जनहानि को बचाया जा सके। समय-समय पर अग्निमशन विभाग उन्हें प्रशिक्षित करेगा। साथ ही सभी वार्ड में पर्याप्त संख्या में स्ट्रेचर उपलब्ध होने चाहिए। इस मौके पर सीएमएस डॉ. एमएम आर्या, अनिल कुमार, जिला मैनेजर निखिलेश कुमार समेत कई डॉक्टर व कर्मी मौजूद रहे।
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