नर्सिंग होम सील करने के लिए लिखापढ़ी करती पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
फर्रुखाबाद से लेकर कस्बों में स्वास्थ्य विभाग की मिलीभगत के चलते झोलाछापों ने नर्सिंगहोम के लाइसेंस ले रखे हैं। वहीं करीब 50 से अधिक नर्सिंगहोम बिना पंजीकरण के ही चल रहे हैं। जिलाधिकारी के आदेश पर शनिवार को सिटी मजिस्ट्रेट ने जांच कमेटी के साथ छापे मारे तो संचालक अस्पताल छोड़कर भाग गए।
डॉक्टर व पंजीकरण कागजात न मिलने पर पांच नर्सिंगहोम सील कर दिए गए। एक क्लीनिक में आपरेशन के सबूत मिले तो खून से सनी रुई व इंजेक्शन टीम ने कब्जे में ले लिए। आवास विकास कालोनी से लेकर मसेनी चौराहे तक अवैध नर्सिंगहोम चल रहे हैं। गत माह आकाश गंगा हास्पिटल में तो कुत्ते के नोचने से नवजात की जान चली गई थी।
आईएमए की शिकायत व इस घटना के बाद डीएम ने सिटी मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में चार सदस्यीय जांच कमेटी गठित की। सिटी मजिस्ट्रेट अशोक कुमार मौर्य, सीओ सिटी मन्नीलाल गौंड, डिप्टी सीएमओ डा.एपी सिंह व आईएमए की ओर से डा.अभिषेक मिश्र ने शनिवार को मसेनी चौराहे स्थित निजी अस्पतालों पर छापा मारा।
अधिकारियों की टीम देखते ही अस्पताल संचालक भाग गए। मौके पर डॉक्टर व पंजीकरण के कागजात न मिलने पांच नर्सिंगहोम सील कर दिए गए। डिप्टी सीएमओ ने बताया कि जायस हास्पिटल, गंगापार हास्पिटल, एबीएस हास्पिटल, दामिनी पाली क्लीनिक एवं आई केयर सेंटर व आरएल हास्पिटल सील कर दिए गए।
इनमें न तो पंजीकरण के कागजात दिखाए गए और न ही डॉक्टर मिले। उन्होंने बताया कि एबीएस हास्पिटल में पंजीकरण के कागजात अधूरे थे। मौके पर जो डॉक्टर मिला, उसका पंजीकरण में नाम ही नहीं है। सभी को नोटिस जारी कर सोमवार तक स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। संतोषजनक जवाब न मिलने पर अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
क्लीनिक में बंद हो गया कर्मी, बाहर से लगी सील
दामिनी पॉली क्लीनिक एवं आईकेयर पर किसी डॉक्टर के मौजूद न होने, खून से सनी हुई रुई पड़ी मिलने से आपरेशन के सुबूत के आधार पर जांच टीम ने क्लीनिक सील कर दिया। इस दौरान एक कर्मचारी क्लीनिक में ही बंद हो गया। टीम के जाने के बाद कर्मचारी ने जब अंदर से शटर खटखटाया तो लोगों को उसके बंद होने की जानकारी हुई।
इस पर सिटी मजिस्ट्रेट को सूचना दी गई। डिप्टी सीएमओ डा.एपी सिंह ने बताया कि जानकारी पर क्लीनिक की सील तोड़कर कर्मचारी को बाहर निकाला गया। इसके बाद फिर से क्लीनिक सील कर दिया गया। डर से कर्मचारी छिप गया था। आवाज देने पर भी नहीं बोला। इससे वह अंदर ही बंद हो गया था।