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UP: पहचान छिपाने के लिए निर्वस्त्र की थी लाश, ये काम करना भूल गए; डर्टी डॉक्टर ने दरिंदगी के बाद किया था कत्ल

Thu, 04 Jun 2026 02:37 PM IST
Sharukh Khan अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर

सार

बुलंदशहर के अल्हौड़ गांव के बगीचे में युवती के निर्वस्त्र शव मिलने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। हॉस्पिटल संचालक ने युवती की हत्या की थी। इसके बाद शव निर्वस्त्र कर ठिकाने लगाया था। बेटी के लापता होने पर मां ने बीती 24 मई को बर्रा थाने में दो के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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kanpur murder - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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कानपुर के बर्रा थाना इलाके से बीती 21 मई को अगवा हुई युवती की हत्या उन्नाव के हॉस्पिटल संचालक देवकांत उत्तम ने उसी दिन स्कार्पियो कार में गला घोटकर की। उसने युवती को मिलने के बहाने बर्रा हाईवे पर बुलाया था। हत्या के बाद देवकांत उन्नाव में कार से उतर गया। 
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कार में पड़े शव को देवकांत के भतीजे विवेक पटेल व उसके हॉस्पिटल के गार्ड अजीत सिंह ने उसी रात बुलंदशहर के अल्हौड़ गांव के बगीचे में निर्वस्त्र कर ठिकाने लगा दिया। मुख्यारोपी देवकांत पहले ही आत्मसमर्पण कर चुका है। भतीजे विवेक को पुलिस ने गिरफ्तार कर बुधवार को वारदात का खुलासा किया। वहीं, फरार गार्ड की तलाश की जा रही है।

बर्रा पुलिस के अनुसार 2024 में उन्नाव में पुलिस भर्ती की तैयारी कर रही बर्रा की युवती की तबीयत बिगड़ने पर वह उन्नाव शेखपुर स्थित उत्तम हॉस्पिटल गई। यहां संचालक देवकांत ने युवती का नंबर लिया। इसके बाद दोनों में नजदीकियां बढ़ गईं। युवती ने देवकांत के शादी के लिए कहा तो उसने मना कर दिया। 
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युवती ने उसके खिलाफ उन्नाव कोतवाली में 19 मई को यौन शोषण की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसी खुन्नस में देवकांत ने युवती की हत्या की साजिश रची। पुलिस के अनुसार 21 मई की दोपहर देवकांत ने भतीजे विवेक से युवती को फोन कराकर उसे मिलने के लिए बर्रा बाईपास पर बुलवाया। 

कार में उसके बैठते ही देवकांत ने उसकी हत्या कर दी थी। उस वक्त कार विवेक चला रहा था। हत्या के बाद दोनों शव को कार में ही लेकर उन्नाव शेखपुर में अपने अस्पताल पर पहुंचे। देवकांत वहीं उतर गया और विवेक व अस्पताल के गार्ड अजीत सिंह को शव ठिकाने लगाने के लिए गंगा एक्सप्रेसवे के रास्ते बुलंदशहर भेज दिया। देर रात दोनों जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के अल्हौड़ गांव स्थित आम के बाग में पहुंचे।

कार में शव को निर्वस्त्र कर बाग में फेंक दिया जहां 22 मई की सुबह स्थानीय पुलिस को अज्ञात शव मिला। 24 मई को शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद अज्ञात में अंतिम संस्कार करवा दिया। इधर, 24 मई को युवती की मां ने बेटी देवकांत आदि पर बेटी को अगवा करने का आरोप लगा बर्रा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 

जांच में जुटी पुलिस ने वारदात का खुलासा किया। बर्रा पुलिस विवेक को लेकर बुलंदशहर गई तो वहां 22 मई को लावारिस शव मिलने की पुष्टि हुई। शव के हाथ पर बंधे कलावे और नाक की कील से उसकी मां ने शिनाख्त की।

पहचान छुपाने को निर्वस्त्र किया था शव, नथनी उतरना भूल गए
हत्या के आरोप में पकड़े गए अस्पताल संचालक देवकांत उत्तम और उसके भतीजे विवेक पटेल ने पुलिस को बताया कि उनकी साजिश शव को कहीं दूर ले जाकर ठिकाने लगाने की थी इसलिए उसे बुलंदशहर के जहांगीराबाद थाना क्षेत्र के अल्हौड़ गांव में फेंका। वह शव को कहीं और दूर ले जाना चाह रहे थे लेकिन सवेरा होने के दर से रात में वहीं फेंक कर लौट आए। जल्दबाजी में शव के कपड़े उतार कर पहचान छुपाने की पूरी कोशिश की हालांकि नथनी उतरना भूल गए उन्हें अंदेशा नहीं था कि यही छोटी सी नथ शव की पहचान कराकर उन्हें फंसा देगी।

गुमराह करने के लिए भतीजे ने खुद को मारी थी गोली
विवेक ने पुलिस को गुमराह करने के लिए 28 मई को मृतका, उसके परिचित मनु अवस्थी और राज सिंह पर बंधक बनाकर गोली मारने की सूचना दी थी। इसके बाद उसे हैलट में भर्ती कराया गया जहां से 30 मई को डिस्चार्ज होने पर पुलिस ने उससे कड़ाई से पूछताछ की। 
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विवेक से पूछताछ में ही सारी सच्चाई सामने आ गई। वही, देवकांत उत्तम ने भी सोमवार को बर्रा थाने में आत्मसमर्पण कर दिया था। डीसीपी दक्षिण दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ हत्या, साक्ष्य मिटाने आदि धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।
 
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