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बांदा में एक और चित्रकूट में कोरोना से दो की मौत

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बांदा/चित्रकूट। चित्रकूटधाम मंडल के बांदा और चित्रकूट जिले में कोरोना संक्रमण थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को बांदा में जहां एक की कोरोना से मौत हो गई, वहीं चित्रकूट में दो लोगों की मौत हो गई। बांदा में कोरोना के 240 नए संक्रमित मिले, जबकि चित्रकूट में 146 नए संक्रमित मिलने से हड़कंप की स्थित बनी रही। बांदा में अब मरने वालों का आंकड़ा 76 पहुंच गया। बांदा और चित्रकूट से शनिवार को एक राहत भरी खबर भी आई। बांदा में 191 मरीज और चित्रकूट में 111 कोरोना मरीज स्वस्थ होकर अपने-अपने घरों को चले गए।
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कोरोना संक्रमण की रफ्तार कम नहीं हो रही। रोजाना सैकड़ों की संख्या में संक्रमित मिल रहे हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक शनिवार को शहर के एक और संक्रमित की मौत हो गई। उधर, 240 नए कोरोना मरीज मिले। इनमें डीएम कालोनी, अलीगंज, इंदिरा नगर, कालूकुआं, आवास विकास, बाकरगंज, मेडिकल कालेज, बलखंडी नाका, कटरा आदि मोहल्ले के लोग हैं। इन मोहल्लों में छह से लेकर 11 तक पॉजिटिव मिले। ग्रामीण क्षेत्रों में अतर्रा, तिंदवारी, महुआ, बबेरू, जसपुरा के संक्रमित शामिल हैं। इन्हें मिलाकर अब सक्रिय संक्रमितों का आंकड़ा 1247 पहुंच गया। जनपद में अब तक कुल 6469 संक्रमित पाए गए। 5146 स्वस्थ हो चुके हैं। सीएमओ डा. एनडी शर्मा ने बताया कि 45 से ज्यादा उम्र के 50 कोरोना पॉजिटिव मिले। मामूली लक्षण वालों को घरों पर क्वारंटीन किया गया है।
उधर, चित्रकूट जिले में लगातार छठवें दिन शनिवार को कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 100 के ऊपर रही। कुल 146 संक्रमित मरीज मिले। इसके अलावा लेखपाल और एक ठेकेदार की मौत हो गई है। राहत की बात यह भी रही कि पहले से पॉजिटिव मरीजों में 111 स्वस्थ्य हो गए हैं। अब एक्टिव केस 1403 हैं। जिले के मऊ क्षेत्र के लेखपाल की कोरोना पॉजिटिव होने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके अलावा जिले के एक अरवारा गांव निवासी ठेकेदार को कोेरोना पॉजिटिव होने पर बांदा मेडिकल कालेज में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौैत हो गई है। सीएमओ डा. विनोद कुमार ने बताया कि शनिवार को जिले में 146 संक्रमित मरीज मिले हैं। इसमें मऊ, रामनगर, कर्वी और मानिकपुर के सर्वाधिक मरीजों की संख्या हैं। मरीजों को जरूरत के हिसाब से होम आइसोलेट और कोविड अस्पताल भेजा जा रहा है।
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इंसेट---
फोटो परिचय-14-शिवकन्या।
सौ साल की वृद्धा ने दी कोरोना को मात
बांदा। कोरोना संक्रमण से जूझ रहे मरीजों के लिए 100 वर्षीय वृद्धा शिवकन्या नजीर बन गई। घर पर क्वारंटीन रहकर वृद्धा कोरोना को मात देकर स्वस्थ हो गई। हालांकि, उनकी देखरेख नाती व पेशे से डाक्टर प्रसून पांडेय ने की। तिलक नगर निवासी व भाजपा पूर्व जिलाध्यक्ष पुरुषोत्तम पांडेय की मां शिवकन्या की 10 अप्रैल को जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आ गई। इनके अलावा डा. प्रसून पांडेय समेत घर के अन्य 8 सदस्य भी पॉजिटिव हो गए। सभी होम क्वारंटीन कर दिए गए। नियमित दवाएं लीं। शनिवार को दोबारा हुई जांच में वृद्धा शिवकन्या सहित सभी की रिपोर्ट निगेटिव आ गई। डा. प्रसून सीएचसी अतर्रा में तैनात हैं। उन्होंने बताया कि कोरोना से डरने की नहीं बल्कि लड़ने की जरूरत है। नियमित गरम पानी पीने और भाप से संक्रमण को मात दी जा सकती है। (संवाद)
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बुजुर्ग बाबा की कर रहे देखरेख
अतर्रा। कोरोना संक्रमण से बुजुर्गों को बचाने के लिए उनकी देखरेख के प्रति शासन-प्रशासन द्वारा जागरूक किया जा रहा है। इसी श्रृंखला में कुसमा गांव निवासी व सपा लोहिया वाहिनी जिलाध्यक्ष अमोल यादव ने अपने 101 वर्षीय बाबा लल्लूराम यादव को नहलाते हुए फोटो सोशल मीडिया पर वायरल की है। साथ ही लोगों को भी घर के बुजुर्गों की देखरेख करने के लिए प्रेरित किया। (संवाद)
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ओपीडी बंद, मरीज परेशान
बेंदा। अस्पतालों में ओपीडी बंद होने से मरीजों को परेशानी हो रही है। बेंदा सहित जौहरपुर, माचाहार, अमलीकौर, छापर आदि गांवों में बड़ी संख्या में लोग बुखार से ग्रसित हैं। ओपीडी बंद होने से उन्हें इलाज नहीं मिल पा रहा, न ही दवाएं मिल रही हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से गांवों में स्वास्थ्य टीम भेजकर जांच व दवा वितरण का अनुरोध किया है। (संवाद)
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पॉजिटिव शिक्षक प्रशिक्षण में शामिल
तिंदवारी। एंटीजेन टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए परिषदीय विद्यालय के शिक्षक की पंचायत चुनाव में ड्यूटी लगा दी गई। वह बहराइच में तैनात हैं और छुट्टी लेकर घर परसौड़ा आए हैं। बहराइच के बीईओ कार्यालय से फोन आने पर पॉजिटिव शिक्षक को अंतत: शनिवार को मतदान प्रशिक्षण में शामिल होना पड़ा। आरटीपीसीआर जांच रिपोर्ट दिखाने को कहा गया, लेकिन दो दिन बीत गए और अब तक उसकी रिपोर्ट नहीं आई। सीएमएस डा. यूबी सिंह का कहना है कि आरटीपीसीआर रिपोर्ट के लिए पीएचसी में संपर्क करना होगा। (संवाद)
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फोटो परिचय-13-ब्लॉक कार्यालय को सैनिटाइज करते दमकल कर्मी।
दफ्तरों और थाने को किया सैनिटाइज
खप्टिहा कलां। वीकेंड लॉकडाउन के दौरान एसडीएम रामकुमार के निर्देश पर फायर ब्रिगेड ने जसपुरा थाना परिसर, ब्लॉक कार्यालय, गल्ला मंडी, इंटर कॉलेज और महाविद्यालय परिसर में सैनिटाइज किया। नालियों में ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव किया गया। एसडीएम ने बताया कि जसपुरा ब्लॉक कार्यालय में पंचायत चुनाव की वजह से नामांकन पत्र खरीदने से लेकर चिह्न वितरण तक भीड़ रही, इसलिए यहां सैनिटाइज कराया गया। (संवाद)
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कोरोना की दूसरी लहर खतरनाक
चित्रकूट। अबकी कोरोना की लहर पिछले साल से ज्यादा खतरनाक है। बावजूद प्रशासनिक तैयारी व स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली सुस्त है। हालत ये है कि जिले में एक दिन के भीतर एक सैकड़ा से अधिक मरीज लगातार 10 दिनों में मिल रहे हैं। इतने संक्रमित मिलने के बाद भी लोगों में कोरोना का खौफ नहीं है। लोग इस कदर बेपरवाह हैं कि बचाव नहीं कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने अब तेजी दिखानी शुरू की है। प्रभारी सीएमओ डा. एनके कुरैचिया ने बताया कि जिला प्रशासन के सहयोग से स्वास्थ्य विभाग कोरोना से निपटने का काम युद्धस्तर पर कर रहा है। लगातार काम से विभागीय अधिकारी भी चपेट में आ जाते हैं, जिससे काम कुछ प्रभावित होता है। लोगों में ज्यादा भय भी पैदा न हो इसका ध्यान रख जिले की सुविधाओं के अनुसार काम हो रहा है। संक्रमित मिलने या इलाज से संबंधित किसी भी जानकारी ले लिए जिला प्रशासन के इन मोबाइल नंबरों 8765473613, 8765473609 व बेसिक नंबर 05198 235425 व 298090 पर संपर्क करें। (संवाद)
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ऑक्सीजन की कमी पर पेट के बल लेटे
चित्रकूट। अबकी कोरोना संक्रमण में ऑक्सीजन की कमी की समस्या सबसे ज्यादा देखी जा रही है, जिससे मरीज को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत होती है। यदि होम आइसोलेशन में मरीज अपने सोने की स्थिति में थोड़ा बदलाव करें तो ऑक्सीजन की कमी दूर हो सकती हैं। एसीएमओ डा. आरके चौरिहा व कोविड कार्य प्रभारी डा. मुकेश पहाड़ी ने बताया कि यदि किसी कोरोना पॉजिटिव को सांस लेने में दिक्कत हो रही औरऑक्सीजन लेवल घट गया है तो सबसे पहले पेट के बल लेटें, एक तकिया अपने गर्दन के नीचे रखें, एक या दो तकिया छाती के नीचे रख लें एवं दो तकिया पैर के टखने के नीचे रखें। 30 मिनट से दो घंटे तक सोएं। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने पॉजिटिव मरीजों के लिए सोने की चार पोजीशन बताया है। इसमें 30 मिनट से दो घंटे तक पेट के बल सोने, 30 मिनट से दो घंटे तक बाएं करवट, 30 मिनट से दो घंटे तक दाएं करवट एवं 30 मिनट से दो घंटे तक दोनों पैर सीधा कर पीठ को किसी जगह टिका कर बैठने की सलाह दी गई है। (संवाद)
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फोटो परिचय- 8- चित्रकूटधाम कर्वी रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की कोरोना की जांच करते कर्मचारी। संवाद
रेलवे स्टेशन पर कोरोना की जांच
चित्रकूट। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रेलवे स्टेशन सहित शहर के अन्य स्थानों पर कोरोना संक्रमित की जांच की। रेलवे स्टेशन में संपर्क क्रांति एक्सप्रेस से शनिवार को दिल्ली से बड़ी संख्या में श्रमिक पहुंच। स्टेशन पर ही सभी की कोरोना की जांच की गई। वहीं, शहर के पुरानी बाजार स्थित रामलीला भवन, जिला चिकित्सालय सहित बस स्टैंड सहित अन्य स्थानों पर कोरोना की जांच की गई। (संवाद)
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फोटो परिचय-13- डा. बृजेश कुमार सिंह
स्वस्थ होते ही मरीजों की सेवा में फिर जुटे
चित्रकूट। जिला अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्साधिकारी (पैथोलॉजी) डा. बृजेश कुमार सिंह कोरोना की जंग जीतकर दोबारा मरीजों की सेवा में जुट गए हैं। डाक्टर 10 अप्रैल को कोरोना पॉजिटिव निकले थे और इलाज के बाद स्वस्थ हो गए। इसके बाद अपनी ड्यूटी करने लगे हैं। बताया कि पॉजिटिव होने के बाद दवा ली और मनोबल बढ़ाए रखा, जिससे जल्द स्वस्थ हो गए। यदि किसी को कोरोना का संक्रमण हो तो परेशान न हो, चिकित्सक के संपर्क में रहकर इलाज करें। (संवाद)
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व्यापारी की मौत पर दी सफाई
चित्रकूट। खोही निवासी व्यापारी की शुक्रवार को कोविड अस्पताल खोेह में ऑक्सीजन न मिलने पर मौत मामले में स्वास्थ्य विभाग ने शनिवार को सफाई दी। कहा कि मृतक के परिजनों ने ही जल्दबाजी दिखाई और बांदा ले जाने में आनाकानी की थी। सीएमओ डा. विनोद कुमार ने बताया कि शनिवार को व्यापारी की रिपोर्ट देखी गई है। इस मामले में डाक्टरों ने इलाज में लापरवाही नहीं की है। आवश्यक उपचार दिया जा रहा था। हालत गंभीर होने पर बांदा मेडिकल कालेज रेफर किया गया पर परिजनों ने मना कर दिया। उसे वेंटीलेटर में रखने की तैयारी हो रही थी पर मौत हो गई। शनिवार को कोविड नियमों के अनुसार उसका अंतिम संस्कार किया गया है। (संवाद)
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जरूरत के हिसाब से ऑक्सीजन पर्याप्त
चित्रकूट। जिला अस्पताल समेत कोविड अस्पताल में जरूरत के हिसाब से आक्सीजन का स्टाक होने का दावा स्वास्थ्य विभाग ने किया है। सीएमओ डा. विनोद कुमार ने बताया कि जिले में जिस प्रकार के मरीज मिल रहे हैं, उस हिसाब से दवाएं और ऑक्सीजन का स्टाक है। जरूरत पड़ने पर प्रयागराज से मंगाया भी जा रहा है। (संवाद)
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फोटो परिचय-9-
जिले में रेमडेसिविर इंजेक्शनों का अकाल
चित्रकूट। इन दिनों कोरोना काल में रेमडेसिविर इंजेक्शन की मारामारी है। कोेरोना संक्रमित मरीजों को यह इंजेक्शन लगाने से इंफ्ेक्शन खत्म होता है। जिले में किसी भी मेडिकल स्टोर में नहीं है। स्वास्थ्य विभाग के अफसरों की मानें तो जिले में अभी मरीजों को इसकी जरूरत नहीं पड़ी है। यह एल-थ्री वाले अस्पतालों में वेंटिलेटर में होने वाले मरीजों को डाक्टरों की सलाह पर ही लगाया जाता है। मुख्यालय के बडे़ मेडिकल स्टोर संचालक कृष्ण कुमार पहारिया, अंकित पहारिया, अजय अग्रवाल, विश्वनाथ पहारिया आदि ने बताया कि जिले में रेमडेसिविर इंजेक्शन किसी डाक्टर ने आज तक नहीं लिखा है, इसलिए नहीं हैं। सीएमओ डा. विनोद कुमार व सीएमएस डा. आरके गुप्ता ने बताया कि इस इंजेक्शन की जरूरत एल-थ्री वाले मरीजों को होती है। जिले में एल-थ्री का अस्पताल नहीं है। फिलहाल जिले में भी इसका स्टाक नहीं है। इमर्जेंसी के लिए 50 इंजेक्शन लखनऊ से मंगाए गए हैं। (संवाद)
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