कानपुर। होली के समय किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट है। हैलट से लेकर जिला अस्पतालों और सीएचसी, पीएचसी में चिकित्सकों की उपस्थिति अनिवार्य की गई है। अनुपस्थित मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। शासन के निर्देशानुसार डॉक्टरों और स्टाफ की छुट्टियां निरस्त कर दी गई हैं।
अस्पतालों में त्योहार के दौरान आने वाले सड़क दुर्घटनाओं, हुड़दंग व रंग से होने वाली एलर्जी के रोगियों को लिए विशेष तैयारी की है। इमरजेंसी वॉर्ड और सामान्य वॉर्ड में होली से जुड़ी दुर्घटनाओं के लिए बेड अलग से आरक्षित किए गए हैं। हैलट के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सौरभ अग्रवाल ने बताया कि वॉर्ड नंबर एक, पांच और छह में 50 बेड आरक्षित किए गए हैं। उर्सला में 30 बेड आरक्षित किए गए हैं। इमरजेंसी इंचार्ज डॉ. सपन गुप्ता ने बताया कि इमरजेंसी के दौरान 0512-236208 और मुख्य हेल्पलाइन नंबर 0512-2304655 पर कॉल करें। सीएमओ डॉ. हरिदत्त नेमी ने बताया कि सभी सीएचसी में 10-10 बेड आरक्षित किए गए हैं। जिलाधिकारी ने भी बैठक कर सभी अस्पतालों व सीएमओ को निर्देशित किया था कि त्योहार के समय कोई हीलाहवाली न हो।
तीन मार्च को सभी सरकारी अस्पतालों में ओपीडी का संचालन होगा। मंगलवार सुबह आठ बजे से लेकर दोपहर 12 बजे तक हैलट, उर्सला, डफरिन, केपीएम, कांशीराम सहित सभी सीएचसी और पीएचसी में रोगी देखे जाएंगे। उर्सला अस्पताल के सीनियर मेडिकल ऑफिसर डॉ. एमएल विश्वकर्मा ने बताया कि उर्सला अस्पताल में ओपीडी का संचालन दोपहर 12 बजे तक होगा। इमरजेंसी की सेवाएं निर्बाध रूप से संचालित रहेंगी।