जैनपुर के श्रीगौरी अस्पताल में जच्चा-बच्चा का इलाज करते डॉक्टर
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कानपुर देहात। निजी अस्पताल प्रबंधन प्रसूता और उसके परिवार को उसके घर भेजेगा। कानपुर-झांसी हाईवे पर जैनपुर में गुरुवार सुबह मुंबई से पति संग ट्रक से घर लौट रही महिला का सड़क पर प्रसव हो गया था। निजी अस्पताल प्रबंधन व स्टाफ ने नवजात बच्ची व प्रसूता को भर्ती कर उपचार किया था। अब जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ है।
महाराजनगर (मुंबई) में इडली बनाकर बेचने वाले चंदौली के पपौरा गांव निवासी पिंटू प्रजापति परिवार समेत लॉकडाउन में फंस गया था। गर्भवती पत्नी बबिता व डेढ़ साल के बेटे अमन के साथ ट्रक से घर लौट रहा था। गुरुवार सुबह अकबरपुर कोतवाली के जैनपुर से गुजरते समय बबिता को प्रसव पीड़ा बढ़ने पर ट्रक चालक ने परिवार के साथ उतार दिया था।
बबिता का सड़क पर प्रसव हो गया था। नजदीक स्थित श्रीगौरी अस्पताल के कर्मी प्रसूता व नवजात बच्ची को अस्पताल ले गए थे। समय पर दोनों को सही उपचार मिल गया था। पिंटू के पास रुपये भी नहीं थे। अस्पताल के सीएमडी डॉ. संजय त्रिपाठी ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन प्रसूता व उसके परिवार को घर भेजेगा। इसकी सहमति बनी है।
पुलिस कर्मियों ने दी आर्थिक मदद
मुंबई से पति संग ट्रक से लौट रही महिला का सड़क पर प्रसव होने की खबर अमर उजाला में पढ़ने के बाद प्रवासी मजदूर परिवार की मदद को पुलिस कर्मियों ने हाथ बढ़ाए हैं। पुलिस कार्यालय में तैनात लेखाधिकारी सुनील सिंह और कार्यालय के सहयोगी भूपेंद्र सिंह राठौर शुक्रवार को साथियों के साथ श्रीगौरी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने पिंटू प्रजापति को सात हजार रुपये की आर्थिक मदद दी।