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Kanpur News: बंद होती इकाइयों में लौटी उम्मीद, उद्योग को मिलेगा बढ़ावा

Mon, 02 Feb 2026 01:17 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
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रनियां(कानपुर देहात)। केंद्रीय बजट में उद्योग जगत की नजरें टिकी हुई थीं। बजट में लेदर (चर्म) इंडस्ट्री के लिए किए गए प्रावधानों से जिले में हो रहे उत्पादन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जगी है। वहीं बंद हो चुकी, दम तोड़ती इकाइयों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जगी है।
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जिले के औद्योगिक क्षेत्र जैनपुर, रनियां में छोटी, बड़ी मिलाकर करीब 600 इकाइयां संचालित हैं। इनमें से 50 के करीब इकाइयां बंद पड़ी हैं या बंदी की कगार पर हैं। बजट में घोषित राहतों से उद्योग के दोबारा पटरी पर लौटने की संभावनाएं मजबूत हुई हैं। हालांकि केंद्रीय बजट को कुछ उद्यमियों ने सराहा है। वहीं, कुछ ने इसे निराशाजनक बताया है।
उद्यमियों का कहना है कि छोटे उद्यम को 50 हजार करोड़ बजट की उम्मीद थी। यह जरूरी राहत नहीं मिली है। बड़े उद्योग पतियों के लिए बजट सराहनीय रहा है। एमएसएमई के लिए केवल 10 हजार करोड़ दिए गए यह बहुत कम है। चमड़ा उद्योग में निर्यात में ड्यूटी फ्री कर दी गई है इसका फायदा मिलेगा। वहीं बजट में निर्यातकों को उत्पाद भेजने के लिए छह माह से एक वर्ष की समय सीमा भी राहत भरी है।
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फोटो-33 हरदीप सिंह राखरा सीमा जोनल के चेयरमैन व उद्यमी

वर्ष 2026-27 का बजट देश को खोखला करने वाला है। 5 से 10 फीसदी बड़े उद्योगों पतियों के लिए यह बजट अच्छा है। छोटे उद्योग संचालकों के लिए बजट शून्य है। छोटा उद्योग संचालक कहां निर्यात करता है। इसका बजट में कुछ भी प्रावधान नहीं है। - हरदीप सिंह राखरा, सीमा जोनल के चेयरमैन व उद्यमी
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फोटो-35 आशीष पांडेय, उद्यमी

बजट में एमएसएमई के लिए बजट कम दिया गया है। एमएसएमई के लिए 50 करोड़ बजट होना चाहिए। जबकि बजट में केवल 10 करोड़ का प्रावधान किया गया है। उद्योग के लिए बजट में कुछ खास नहीं है। कैंसर पीड़ित के लिए दवाइयों की दरें सस्ती कर दी गई है तो आम जनता को राहत मिलेगी। - आशीष पांडेय, उद्यमी



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फोटो-34 विनोद तिवारी, उद्यमी


बजट से छोटे उद्यम के लिए अधिक उम्मीद थी। टेक्सटाइल प्रोजेक्ट में बढ़ावा दिया गया है। निर्माण करने वाले उद्यम में बजट की ओर से ध्यान दिया गया है। इससे छोटे उद्यम और आगे बढ़कर लोगों को रोजगार दे सकेंगे। - विनोद तिवारी, उद्यमी

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फोटो-31 रमेश गुप्ता उद्यमी।

टैक्स में गड़बड़ी होने पर इसे आपराधिक सजा न मानकर आर्थिक उल्लंघन माना जाना चाहिए। दंड के रूप में जेल के बजाय उचित शुल्क या पेनल्टी लगाना न्यायसंगत है, क्योंकि इसका उद्देश्य सुधार और राजस्व की पूर्ति है न कि अपराधीकरण है। यह स्वागत योग्य है। - रमेश गुप्ता उद्यमी



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फोटो-36 आनंदवीर सिंह, उद्यमी

चमड़ा उद्योग के लिए सबसे खास बात जूतों के ऊपरी हिस्से (शू अपर) के निर्यात पर ड्यूटी-फ्री आयात की सुविधा मिली है। निर्यातकों को अब अंतिम उत्पाद भेजने के लिए छह महीने की जगह एक साल का समय मिलेगा। बजट में यह सबसे अच्छी पहल है। - आनंदवीर सिंह, उद्यमी
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फोटो- 32 रोहित ब्रजपुरिया, डिवीजनल सेक्रेटरी आईआईए व उद्यमी
बजट में दो सौ पुराने औद्योगिक क्लटरों का पुनरुद्धार करने की पहल सराहनीय है। इससे औद्योगिक क्षेत्र में बंद या कमजोर यूनिट दोबारा चलेगी। रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और स्थानीय निर्माण उत्पाद को सहारा मिलेगा। - रोहित ब्रजपुरिया, डिवीजनल सेक्रेटरी आईआईए व उद्यमी
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