उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर के बिधनू थाना क्षेत्र में शनिवार रात एक लड़की की संदिग्ध परिस्थिति में मौत हो गई। लड़की की संदिग्ध मौत के रहस्य की गुत्थी पुलिस सुलझाने में लगी है लेकिन कुछ भी बोलने से कतरा रही है। दरअसल, इस मामले में पुलिस खुद फंसती नजर आ रही है।
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बिधनू के सेनपुरा पारा गांव में रहने वाली 21 वर्षीय पूजा पुत्री राजेंद्र प्रसाद गांव के रहने वाले एक लड़के विवेक से प्रेम करती थी। दोनों ने साथ जीने मरने की कसमें खाई थी। लड़के के घरवाले राजी थे लेकिन जब लड़की ने अपने परिवार वालों को इस रिश्तें के बारे में बताया तो उन्हें यह नागवार गुजरा।
काफी समझाने बुझाने के बाद भी लड़की नहीं मानी। इसपर लड़की के पिता ने लड़के को घर पर बुलवा लिया उसे बेरहमी से मारा-पीटा। बाद में लड़के को लॉकअप में बंद कराने के लिए पुलिस बुलवा ली। उधर, लड़की ने पुलिस के सामने प्रेमी को धोखे से बुलवाकर पीटने का इल्जाम लगाया और परिवार का विरोध किया। लेकिन पुलिस ने लड़की की एक न सुनी।
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चूंकी लड़की के पिता खुद कस्टम पुलिस में काम करते है। इसलिए उनकी बताई बात पर अमल किया गया। जबकि जरूरत ये थी कि पुलिस मामले में गहराई से पूछताछ करे। सबकुछ हो जाने के बाद पुलिस गंभीर हालत में लड़के को पकड़कर अपने साथ ले गई। इसके बाद क्या हुआ ये रहस्य बन गया। रविवार सुबह लड़की का शव फांसी पर झूलता मिला। शक है कि परिवार वालों ने लड़की के साथ मारपीट कर उसे जान से मारकर फांसी पर लटकाया है।
मामला बढ़ता देख पुलिस ने चुप्पी साध ली है। हालांकि कई बार उनसे बात करने की कोशिश की गई। यहां तक की सुबह तक लड़की की मौत की खबर की पुष्टि करने तक से पुलिस बचती नजर आई। फोन कर जानकारी लेने की कोशिश की गई तो थानेदार ने फोन ही रिसीव नहीं किया। थाने में जानकारी लेने गए तो सुबह तक पुलिस ये कहती रही कि लड़की जिंदा है लेकिन तब तक लड़की की मौत हो चुकी थी। अगर इस मामले में पुलिस निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई करती तो शायद लड़की जिंदा बच जाती लेकिन पुलिस की बड़ी लापरवाही से लड़की की जान चली गई।