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यूपी: मुठभेड़ में विकास दुबे का मामा प्रेम प्रकाश पांडेय और अतुल दुबे मारे गए

Fri, 03 Jul 2020 07:18 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, कानपुर

सार

  • चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव में विकास दुबे को पकड़ने गई थी पुलिस
  • आठ पुलिसकर्मियों की मौत
  • मरने वालों में सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्रा और एसओ शिवराजपुर महेश यादव भी शामिल हैं
  • घायलों को रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया, आला अधिकारी मौके पर
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घटनास्थल पर पहुंचे एडीजी लॉ एंड आर्डर प्रशांत कुमार - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में देर रात शातिर बदमाशों को पकड़ने गई पुलिस टीम पर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग में सीओ समेत आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए। एडीजी लॉ एंड ऑर्डर प्रशांत कुमार ने मौके पर पहुंच कर घटना का जायजा लिया। एडीजी जय नारायण सिंह ने घटना की पुष्टि की है। चार पुलिसकर्मी घायल भी हैं। कई सिपाहियों को बेहद गंभीर हालत में रीजेंसी भर्ती कराया गया है और कई पुलिसकर्मी लापता हैं। पुलिस के आलाधिकारी और कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई है।

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घटना कानपुर में चौबेपुर थाना क्षेत्र के बिकरू गांव की है। आपको बता दें कि गुरुवार रात करीब साढ़े 12 बजे बिठूर और चौबेपुर पुलिस ने मिलकर विकास दुबे के गांव बिकरू में उसके घर पर दबिश दी।


 

 

कई थानों की पुलिस मौके पर 

घायल पुलिसकर्मियों को कानपुर के रीजेंसी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। भाजपा सांसद देवेंद्र सिंह भोले पहुंचे। मौके पर पुलिस फोर्स मौजूद। - फोटो : अमर उजाला
बिठूर एसओ कौशलेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि विकास और उसके 8-10 साथियों ने पुलिस पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। घर के अंदर और छतों से गोलियां चलाई गईं। 
गोलीबारी में सीओ बिल्हौर देवेंद्र मिश्रा और एसओ शिवराजपुर महेश यादव शहीद हो गए। उनके साथ करीब आठ पुलिसकर्मी भी शहीद हुए हैं। 

जबकि एसओ बिठूर, एक दरोगा समेत कई पुलिसकर्मियों को गोली भी लगी है। जिन्हें गंभीर हालत में रीजेंसी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कई पुलिसकर्मी लापता बताए जा रहे हैं। 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर की इस घटना में मारे गए पुलिसकर्मियों के प्रति शोक और उनके परिजनों से संवेदना प्रकट की है। योगी ने घटना की रिपोर्ट तलब की है और साथ ही डीजीपी एचसी अवस्थी से अपराधियों पर कड़ी कार्रवाई का निर्देश दिया है। 
 
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विकास दुबे का घर - फोटो : amar ujala
एसओ कौशलेंद्र के एक गोली जांघ और दूसरी हाथ पर लगी। इसके अलावा सिपाही अजय सेंगर, अजय कश्यप, सिपाही शिवमूरत, दरोगा प्रभाकर पांडेय, होमगार्ड जयराम पटेल समेत सात पुलिसकर्मियों को गोलियां लगीं। सेंगर और शिवमूरत के पेट में गोली लगी। दोनों की हालत गंभीर है। सूचना के बाद कई थानों की फोर्स गांव पहुंची और घायलों को लेकर रीजेंसी अस्पताल लाया गया। 

सूत्रों ने बताया कि जिस तरीके से हमला हुआ, उससे आशंका है कि बदमाशों को पुलिस की दबिश की भनक मिल गई थी। जिस कारण उन्होंने तैयारी करके पुलिस पर हमला किया। पुलिस ने बताया कि विकास दुबे खूंखार अपराधी है जिस पर 2001 में शिवली थाने में घुसकर तत्कालीन श्रम संविदा बोर्ड के चेयरमैन राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त भाजपा नेता संतोष शुक्ला की हत्या का आरोप लगा था। बाद में वह इस केस से बरी हो गया था। इसके अलावा विकास पर प्रदेश भर में दो दर्जन से ज्यादा गंभीर केस दर्ज हैं।

शहीद हुए पुलिसकर्मी

क्षेत्राधिकारी बिल्हौर देवेंद्र मिश्रा
थाना प्रभारी शिवराजपुर महेश चंद्र यादव
चौकी इंचार्ज मंधना अनूप कुमार सिंह
सब इंस्पेक्टर नेबू लाल
सिपाही सुल्तान सिंह
सिपाही राहुल
सिपाही बबलू
सिपाही जितेंद्र

मुठभेड़ में विकास दुबे का मामा प्रेम प्रकाश पांडेय और अतुल दुबे मारे गए है। दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। 

प्रियंका गांधी ने यूपी सरकार पर हमला बोलते हुए लिखा कि ''बदमाशों को पकड़ने गई पुलिस पर बदमाशों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी जिसमें यूपी पुलिस के सीओ, एसओ सहित 8 जवान शहीद हो गए। यूपी पुलिस के इन शहीदों के परिजनों के साथ मेरी शोक संवेदनाएं। यूपी में कानून व्यवस्था बेहद बिगड़ चुकी है, अपराधी बेखौफ हैं।''


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