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ये है देश की पहली लेडी हिप-हॉप सिंगर, कानपुर में इस हाल में गुजरा बचपन

Thu, 27 Apr 2017 10:10 AM IST
गौरव शुक्ला, अमर उजाला, कानपुर
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डेमो पिक
ब्रिटिश-इंडियन रैपर, हिप-हॉप सिंगर, जिनके नाम की धमक आज बॉलीवुड से लेकर टॉलीवुड और हॉलीवुड तक में कायम है। सॉन्ग रैपिंग में अपनी अलग पहचान बनाने वाली इस फेमस सिंगर को ‘फर्स्ट इंडियन फीमेल रैपर’ के नाम से भी जाना जाता है। 
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हार्ड कौर
हम बात कर रहे हैं सिंगर हार्ड कौर की। यूपी के कानपुर शहर से हार्ड कौर का बड़ा खास लगाव है। दरअसल हार्ड कौर यानी तरुण कौर ढिल्लन का जन्म कानपुर शहर में ही हुआ था। जिंदगी के ‘कड़वे घूंट’ पीने का शौक रखने वाली कार्ड कौर पिछले दिनों अपने नये रैप सॉन्ग ‘शेरनी है शेरनी’ की वजह से चर्चा में आईं थीं। जल्द ही उनके कई नये रैप सॉन्ग रिलीज होने वाले हैं। 

जानें, हार्ड कौर की पर्सनल लाइफ के बारे में... 
तरुण कौर ढिल्लन उर्फ़ हार्ड कौर का जन्म 29 जुलाई 1979 को यूपी के कानपुर शहर में हुआ था।  कानपुर के मॉल रोड में उनकी मां एक छोटे से पार्लर का काम चलाती थीं। कौर उस समय छोटी थीं तभी उनके पिता का देहान्त हो गया।  जिसके बाद उनकी मां अपने मायके होशियारपुर वापस आ गयीं। 1991 में उनकी मां ने एक ब्रिटिश बिजनेसमैन से शादी रचा ली और इंग्लैंड में जाकर बस गईं। कानपुर में बचपन बिताने के बाद हार्ड कौर ने अपनी पढ़ाई इंग्लैड में ही पूरी की थी। इसी दौरान धीरे-धीरे उनका रुझान हिप-हॉप संगीत की ओर होने लगा इसके बाद उन्होंने इसमें ही अपना करियर बनाने की सोची। आज हार्ड कौर अपने रैप सॉन्ग्स की बदौलत हिट हैं।
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हार्ड कौर
यूके के चार्टबस्टर में हिट ‘एक ग्लासी’  
हार्ड कौर ने सबसे पहले एक ग्लासी गाना गाया, जो यूके के चार्टबस्टर में हिट पर था।  उसके बाद साल 2007 में श्रीराम राघवन की फिल्म जॉनी गद्दार के लिए कौर ने पैसा फेंक गाना गाया।  जो यंगस्टर्स को बेहद पसंद आया।  उसके बाद उन्होंने कई बेहतरीन गाने गाये, जो खासकर युवा वर्ग को बेहद पसंद आये। कौर का पहला सोलो एल्बम सुपरवोमेन 200 7 में आया। 2008 में कौर ने यूके म्यूजिक अवार्ड में बेस्ट फीमेल एक्ट का अवार्ड जीता।  

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हार्ड कौर
विवादों में रहीं हार्ड कौर 
हार्ड कौर ने अपने एक कॉन्सर्ट के दौर खास सिख समुदाय और उनके दसंवे गुरु गुरु गोबिंद सिंह जी के अभद्र भाषा का प्रयोग किया था।  जिस कारण उन्हें लोगों के गुस्से का शुक्र भी होना पड़ा था।  जिसके बाद उन्होंने हार्ड कौर ने कहा कि ‘मैं किसी की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाना चाहती थी।
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हार्ड कौर
टिप्पणी का गलत मतलब निकाला गया
हार्ड कौर ने तब कहा था कि मेरी टिप्पणी का गलत मतलब निकाला गया है। मैं एक रैपर हूं और यह संगीत प्रस्तुत करने का मेरा अंदाज था।फिर भी अगर मेरी टिप्पणी से किसी को चोट पहुंची है तो मैं उसके लिए तहेदिल से माफी मांगती हूं। इसके अलावा हार्ड कौर आये दिन गीतों से ज्यादा अपनी भाषा को लेकर चर्चा मे रहतीं है। 
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हार्ड कौर
ये हैं हार्डकौर के 5 फेमस सॉन्ग
- लौंग द लशकारा (पटियाला हाउस-2011)
- चार बज गये पार्टी अभी बाकी है (फालतू-2011)
- मूव योर बॉडी (जॉनी गद्दार-2007)
- बस एक किंग (सिंह इज किंग-2008)
- एक ग्लासी दो ग्लासी (एलबम)
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