सर्दी के मौसम में कानपुर चिड़ियाघर की झील में हिमालयन पक्षी दिखने लगे हैं। इन सभी ने अपना बसेरा यहां बना लिया है। अब यहां रहकर अपना परिवार बढ़ाएंगे और मार्च महीने तक बच्चों के उड़ने तक रुकेंगे। इसी सप्ताह साइबेरियन पक्षी भी कानपुर चिड़ियाघर की झील में दस्तक देने वाले हैं।
विज्ञापन
2 of 4
कानपुर के चिड़ियाघर में पहंचा पक्षी
- फोटो : अमर उजाला
फिलहाल कानपुर चिड़ियाघर की झील में पेंटेड स्टॉर्क, स्टिल्ट, ब्लैक हेडेड आइबिश, ओपेन बिल स्टॉर्क, टील्स और गूज का बसेरा हो चुका है। इसमें ज्यादातर हिमालय की ओर से आने वाले पक्षी हैं। यह पक्षी अब यहां पर प्रजनन करेंगे और अपने चूजों को जन्म देंगे। पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आरके सिंह ने बताया कि हिमालयन पक्षी आ चुके हैं।
विज्ञापन
3 of 4
कानपुर के चिड़ियाघर में पहंचा पक्षी
- फोटो : अमर उजाला
यह प्रजनन के लिए बसेरा बना रहे हैं। कानपुर जू झील का वातावरण इसके लिए अनुकूल है। मार्च महीने में इनके चूजे उड़ने लायक हो जाएंगे। इसके बाद यहां से यह मेहमान विचरण कर जाएंगे। इस मौसम में अब तक साइबेरियन पक्षी आ जाते हैं।
कानपुर के चिड़ियाघर में पहंचा पक्षी
- फोटो : अमर उजाला
उम्मीद है कि इसी सप्ताह में विदेशी मेहमान पक्षी भी दिखेंगे। उधर, गुरुवार को जू वालिंटियर्स ने झील पहुंचकर हिमालय क्षेत्र से आए मेहमान पक्षियों की फोटोग्राफी की। यहां पर उनकी जानकारी जुटाई। उनकी प्रजाति, रहन सहन और इतिहास की खोज की।