भीषण गर्मी और उमस ने ऐसा असर दिखाया कि लोग घर से बाहर निकलने से पहले 10 बार सोच रहे हैं। रविवार को कानपुर में रिकॉर्डतोड़ तापमान दर्ज किया गया। यहां लोग गर्मी में पसीने से तरबतर दिखे। पारा 44 के पार पहुंच गया। इस मौसम में रविवार सबसे गर्म रहा। 44.4 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान के साथ पिछले पांच साल का रिकार्ड ध्वस्त कर दिया। न्यूनतम तापमान 26.8 डिग्री सेल्सियस रहा। तेज उमस व धूप ने लोगों को व्याकुल कर दिया। दोपहर बारह बजे के बाद लोग रोडवेज बसों में यात्रा करने से कतराते रहे। पैसेंजर ट्रेनों का हाल इससे भी बुरा रहा, अधिक सवारियों के चलते लोगों का दम घुटता नजर आया। हालांकि अवकाश का दिन होने के कारण सरकारी कर्मचारियों ने राहत की सांस ली। वह धूप से बचने के लिए घरों से नहीं निकले। पेय पदार्थों की दुकानों पर भीड़ रही।
मई में लगातार गर्मी बढ़ने से आम जन मानस से लेकर पशु-पक्षी तक बेहाल हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के तालाबों में धूल भरे गुबार उड़ रहे हैं। जानवरों को पानी पिलाने के लिए नलकूपों का सहारा लेना पड़ रहा है। तापमान में लगातार बढ़ोतरी होने से किसानों की भी हालत पतली हो रही है। मक्का की फसल में सबसे अधिक सिंचाई की आवश्यकता होती है। इस गर्मी में फसल को सूखने से बचाने के लिए हर दूसरे दिन पानी लगाना पड़ रहा है।