यूपी बोर्ड की हाईस्कूल मेरिट से दूर रही मेधावी छात्रा ने अपना आत्मविश्वस नहीं खोया। आरटीआई को हथियार बनाकर उत्तर पुस्तिकाओं की स्क्रूटनी कराई तो उसके 39 अंक बढ़ गए। बोर्ड कार्यालय से संशोधित मार्कशीट भेजे न जाने पर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। संशोधित मार्कशीट में छात्रा के प्राप्तांक 522 से बढ़कर 561 अंक हो गए हैं। जिससे छात्रा प्रदेश की टॉप टेन सूची में शामिल हो गई है। मेधावी के पिता ने सीएम को पत्र भेजकर बेटी को सम्मानित करने के साथ ही अन्य सुविधाएं दिए जाने की मांग की है। मामला यूपी के उन्नाव जिले का है।
तहसील बीघापुर के ग्राम अलावलपुर निवासी एके सिंह की पुत्री आंचल सिंह बिहार स्थित त्रिवेणी काशी इंटर कॉलेज की छात्रा है। सन् 2018 की बोर्ड परीक्षा में छात्रा ने हाईस्कूल की परीक्षा दी थी। परीक्षा में 600 अंकों में 522 अंक मिले। अंकपत्र में विज्ञान विषय की लिखित परीक्षा में 23 अंक और प्रयोगात्मक परीक्षा में 30 अंक अंकित थे। मेधावी छात्रा के पिता ने उत्तर पुस्तिका की स्क्रूटनी के लिए 7 मई को फार्म भरा और माध्यमिक शिक्षा सचिव बोर्ड कार्यालय से जांच कराने की मांग की।
सुनवाई न होने पर पिता ने 30 मई को सूचना अधिकार अधिनियम के तहत यूपी बोर्ड से बेटी आंचल की उत्तर पुस्तिकाएं दिखाने आवेदन किया। इस पर 13 अगस्त को बोर्ड कार्यालय ने छात्रा व उसके पिता को उत्तर पुस्तिकाएं दिखाई। जिसमें विज्ञान विषय की लिखित परीक्षा में 70 में 62 अंक दिए गए थे। जबकि बोर्ड कार्यालय से भेजी गई अंकतालिका में 70 में 23 अंक ही अंकित हैं। इस तरह मेधावी के 522 में 39 अंक बढ़ गए। छात्रा की मांग पर भी बोर्ड कार्यालय ने दूसरी अंकतालिका जारी करने में टाल मटोल की। इस पर छात्रा ने वकील की मदद से 29 अगस्त को हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ में बोर्ड कार्यालय के खिलाफ याचिका दायर की। कोर्ट ने माध्यमिक शिक्षा परिषद सचिव से जवाब तलब किया। जिस पर बोर्ड कार्यालय ने आनन फानन दो दिन पहले संशोधित अंक तालिका विद्यालय को भेजी है। मेधावी 561 अंकों के साथ प्रदेश की टॉप टेन सूची में सातवें स्थान पर शामिल हो गई है। बेटी की उपलब्धि से परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा।
प्रधानाचार्य व पिता ने सीएम से मांगा बेटी का सम्मान
प्रधानाचार्य गोवर्धन सिंह ने माध्यमिक शिक्षा परिषद की लापरवाही पर आपत्ति जताते हुए सीएम से दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। साथ ही छात्रा का नाम मेरिट सूची में शामिल कर सम्मान की मांग की। वहीं छात्रा के पिता एके सिंह ने सीएम को पत्र भेजकर बेटी को सम्मानित करने की मांग की। इसके अलावा मेधावी छात्रों के गांव को दी गई सुविधाओं को मांगा है।