डायबिटीज की गिरफ्त में आए पांच सौ रोगियों में सिर्फ पांच को ही पता है कि हाई ब्लड शुगर आंखों की रोशनी को धुंधली कर रही है। अधिकांश लोग हाई ब्लड शुगर के खतरों से अब भी अंजान हैं, वे इस पर ध्यान ही नहीं देते जब तक आंख से दिखने में दिक्कत नहीं होती।
यह तथ्य कानपुर में इंडियन ऑफ्थेमोलोजिकल सोसाइटी (आईओएस) के ज्योति से ज्योति जलाओ अभियान के तहत हुई स्क्रीनिंग में पता चला है। 14 नवंबर को डायबिटीज डे के मौके पर नेत्र रोग विशेषज्ञों ने शिविरों का आयोजन करके स्क्रीनिंग की। इनके आंकड़े अब संकलित किए गए हैं।
ज्योति से ज्योति जलाओ अभियान का पहला चरण स्क्रीनिंग का है। परेशानी में डालने वाली बात यह है कि इस दिन पांच हजार से अधिक लोगों ने अलग-अलग जगहों पर अपनी आंखों की जांच कराई। इनमें से एक चौथाई लोग ऐसे रहे हैं जिनकी आंखों में हाई ब्लड शुगर का दुष्प्रभाव पड़ने लगा है जिससे डायबिटिक रेटिनोपैथी के लक्षण उजागर होने लगे। इसके बावजूद लोग अंजान हैं।