अब खून और शरीर के विभिन्न अंगों की ग्रंथियों के रिसाव के द्रव्य से यह पता चल जाएगा कि कैंसर कहां छिपा हुआ है। इससे शुरुआत में ही रोग को पकड़ने में आसानी हो जाएगी।
खून और शरीर के अंगों के द्रव्य (फ्लूइड) की जांच के लिए कानपुर स्थित जेके कैंसर इंस्टीट्यूट में दो अत्याधुनिक मशीनें लगाई जा रही हैं।
इनकी खरीद के लिए शासन ने बजट जारी कर दिया है। मशीन लगाए जाने की प्रक्रिया शुरू हो गई। इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. एमपी मिश्रा ने बताया कि इससे कैंसर का पता लगाने में बहुत आसानी हो जाएगी और रोगी को समय से इलाज मिलने लगेगा।
डॉ. मिश्र ने बताया कि एक मशीन से ब्लड सैंपल की जांच होगी और दूसरे से शरीर के अंगों के द्रव्य की। कैंसर मार्कर इम्युनो एनालाइजर से ब्लड की जांच होगी। इससे पैंक्रियाज, गाल ब्लैडर, प्रोस्ट्रेट, गुर्दे, फेफड़ों, स्तन कैंसर पकड़ में आ जाएगा।
अभी तक इन अंगों के कैंसर जांच के लिए बायोप्सी होती है। इसमें समय लगता है। उन्होंने बताया कि दूसरी मशीन लिक्विड बेस्ट साइटोलॉजी की है। इसमें पेट के पानी, फेफड़ों के पानी, रीढ़ और हड्डियों के जोड़ के पानी, समेत शरीर की विभिन्न ग्रंथियों के रिसाव के द्रव्य की जांच करके कैंसर का पता लगाया जा सकेगा।
निदेशक डॉ. मिश्र ने बताया कि मशीन की खरीद के लिए 50 लाख रु पये मिल गए हैं। इसके अलावा इंस्टीट्यूट में एक नई अल्ट्रासाउंड मशीन और दूसरे उपकरण खरीदे जा रहे हैं।