जाजमऊ पुराने गंगापुल से भारी वाहनों (माल वाहक) के गुजरने पर रोक लगेगी। ये वाहन नए पुल से गुजारे जाएंगे। पुल से अन्य वाहन अधिकतम 25 किलोमीटर गति से ही गुजर सकेंगे और बड़े वाहनों के बीच कम से कम 35 मीटर की दूरी रखी जाएगी। सोमवार को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों ने जाजमऊ गंगा पुल की जांच रिपोर्ट के अध्ययन के बाद यह फैसला लिया है।
तीन दिनों के बाद गंगापुल पर नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी है। इसके साथ ही रिपोर्ट में सुझाई गई अन्य जांचें कराने की भी तैयारी शुरू हो गई है। एनएचएआई की मांग पर 15 दिन पहले सर्वे कंपनी एसए इंफ्रास्ट्रक्चर्स की टीम ने गंगा पुल की मजबूती की जांच की थी।
टीम प्रमुख देबाशीष वर्मा के नेतृत्व में सहायक अभियंता कार्तिक सेन, सत्येंद्र राजपूत के साथ एनएचएआई के महाप्रबंधक/परियोजना प्रबंधक पुरुषोत्तम लाल चौधरी ने क्रेन से गंगा पुल के निचले हिस्से की पड़ताल की। इसमें बेयरिंग, डेस्क सरफेस टूटी और कई स्थानों पर ज्वाइंट में दरार मिली थी।
टीम ने एक सप्ताह बाद रिपोर्ट देने की बात कही थी। बीते सप्ताह टीम ने अपनी जांच रिपोर्ट लखनऊ स्थित एनएचएआई मुख्यालय को भेजी थी। इस रिपोर्ट पर सोमवार को अधिकारियों ने चर्चा की।चौधरी ने बताया किएसए इंफ्रास्ट्रक्चर्स की रिपोर्ट मिल गई है। रिपोर्ट के आधार पर चार प्रमुख उपाय दो से तीन दिनों के भीतर अमल में लाए जाएंगे।
इन उपायों के अलावा पुल का नॉन डिस्ट्रक्टिव टेस्ट (एनडीटी) कराया जाएगा। इसके अंतर्गत पुल की मजबूती की जांच के लिए अल्ट्रासोनिक जांच होगी। साइन बोर्ड, हाइट बैरियर लगवाने के बाद पुराने पुल पर वाहन संचालन की नई व्यवस्था लागू कराने में सहयोग के लिए कानपुर और उन्नाव के डीएम और पुलिस विभाग को पत्र भेजा जाएगा।
तीन दिन के भीतर लागू होने वाली व्यवस्था
- पुराने पुल पर वाहनों की अधिकतम सीमा, वाहनों के बीच दूरी रखने के साइन बोर्ड लगाए जाएंगे। वाहनों को निर्धारित गति और दूरी पर चलना होगा। इसके लिए ठेकेदार कंपनी को तुरंत साइन बोर्ड बनाने के लिए कहा गया।
- पुल के दोनों छोर पर लो हाइट बैरियर लगाए जाएंगे, ताकि भारी वाहन पुराने पुल से न गुजर सकें।
- पुल की मरम्मत होने तक भारी वाहनों को नए पुल से गुजारा जाएगा।
- पुल की टूटी बेयरिंग को बदलवाया जाएगा। पुल की स्कैनिंग के बाद कमजोर हिस्सों की मरम्मत कराई जाएगी।
गड्ढों की होगी मरम्मत
चौधरी ने बताया कि राष्ट्रपति के आगमन के मद्देनजर पुल के गड्ढों की मरम्मत कराई जाएगी। हालांकि सड़क का मैस्टिक विधि से निर्माण पुल की मरम्मत के बाद कराया जाएगा।