कानपुर के नयापुरवा-मार्बल मार्केट के दस से अधिक घरों और दुकानों में अचानक भीषण आग लग गई। लोग अपने घरों से पानी की बाल्टियां लेकर दौड़े लेकिन आग इतनी भयानक थी कि उस पर काबू पाना दमकल विभाग के लिये भी मुश्किल हो गया। तीन घंटे की मशक्कत के बाद भी दमकलकर्मी आग को पूरी तरह से काबू करने में सफल नहीं हो पाये। भयानक आग ने 10 से अधिक परिवारों को बेघर कर दिया। इस दौरान चार लोग गंभीर रूप से झुलस गए। हांलाकि आग लगनें की पुष्टि नहीं हो पाई है। क्षेत्रीय लोगों के मुताबिक आग की वजह शार्टसर्किट और लीकेज गैस सिंलेंडर बताई जा रही है।
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इस दुकान में लगी भीषण आग
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दुकान में लगी आग
- फोटो : अमर उजाला
जूही के एक ग्रीस कारखाने से फैली आग ने विकराल रूप धारण करते हुए मार्बल मार्केट, टायर गोदाम और पास के 10 से अधिक घरों को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेज थी कि उसपर काबू पाना बहुत मुश्किल था। फायर ब्रिगेड की टीमों ने इमरजेंसी में साउथ एक्समॉल से तीस गाड़ी पानी, संतोष हॉस्पिटल से दस गाड़ी पानी लिया। कुल मिलाकर 50 से अधिक गाड़ियों द्वारा लाये गये पानी की तेज बौछारों से आग पर काबू पाया जा सका।
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आग की लपटों ने की कई लोगों की गृहस्थी खाक
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जूही के घरों में लगी भीषण आग
- फोटो : अमर उजाला
आग की लपटें इतनी भीषण थीं कि कई लोगों की गृहस्थियां खाक हो गईं। इस अग्निकांड में करीब 30 लाख के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि अभी तक किसी की जान जाने की कोई सूचना नहीं है। आग कहीं और तेज न हो जाए इसके मद्देनजर रायपुरवा और जूही की जनता अपने घरों से सिलेंडकर निकालकर मैदान की तरफ दौड़े।
मकानों में होता है ग्रीस का काम
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आग लगने के बाद मौके पर जमा भीड़
- फोटो : अमर उजाला
आग की शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है लेकिन आग जिस वजह से फैली उसका कारण ग्रीस कारखाने को माना जा रहा है। मार्बल मार्केट के पीछे बने लक्ष्मी और बेलकली का हाता है। जहां अधिकतर घर कच्चे हैं। कारखाने से उठी लपटों ने छप्परों को अपनी चपेट में लेते हुए विकराल रूप धारण करना शुरू कर दिया। आग की लपटें इतनी भीषण थीं कि दूर-दूर तक लोग अपने घरों की छतों पर चढ़कर ये नजारा देख रहे थे। फायरब्रिगेड की टीमें आग पर काबू पाने के लिए घंटों मशक्कत करती रहीं।
गृहस्थी उजड़ने के बाद दहाड़े मारकर रोईं महिलायें
- फोटो : अमर उजाला
गृहस्थी उजड़ जाने के बाद महिलायें घटनास्थल पर दहाड़े मारकर रोने लगीं। मोहल्ले के लोगों ने एक दूसरे की मदद करते हुए इस आफत की बेला को धैर्य के साथ झेला। बच्चों और महिलाओं को तुरंत घरों से निकालकर बाहर मैदान के पास ले जाया गया।