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खरीद-फरोख्त के लिए भारी भरकम बजट

Sun, 14 Feb 2016 01:47 AM IST
अमर उजाला, ब्यूरो
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जिला पंचायत अध्यक्ष फिर ब्लाक प्रमुख के चुनाव के बाद एमएलसी निकाय चुनाव में भी वही होने जा रहा है। ऐसी चर्चा है कि कानपुर नगर, देहात और फतेहपुर को मिलाकर 4638 मतदाताओं को खरीदने के लिए 10 से 15 करोड़ तक खर्च होंगे। माना जा रहा है यदि कोई प्रत्याशी तीन से चार करोड़ भी खर्च कर देगा तो जीत सुनिश्चित है।
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फिलहाल टोकन मनी के रूप में 10 हजार तक की राशि देने को लेकर चर्चा है। आखिर में इसे बढ़ाकर 25 हजार की जा सकती है। ऐसा आश्वासन प्रत्याशियों और उनके सिपहसालारों की तरफ से मतदाताओं को दिया जा रहा है। धनबल के मामले में यदि प्रत्याशियों के हिसाब से देखा जाए तो सपा प्रत्याशी कल्लू यादव का पलड़ा भारी है।

भाजपा प्रत्याशी दिनेश चार्ली और बसपा प्रत्याशी अशोक कटियार भी पीछे नहीं हैं। कांग्रेस के विष्णु शर्मा इस मामले में पीछे हैं, कांग्रेसी यह मानने को तैयार नहीं है। पार्टी अध्यक्ष हरप्रकाश अग्निहोत्री का कहना है कि जैसे भी हो पार्टी पूरी दमदारी से चुनाव लड़ेगी। जिला पंचायत सदस्य और ब्लाक प्रमुख सदस्यों की तरह अब बिकने वालों में सभासद, पार्षद और प्रधान भी शामिल हो गए हैं।
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यह लोग भी एमएलसी निकाय चुनाव में मतदाता होते हैं। विधायकों से भी प्रत्याशियों की सेटिंग चल रही है। कभी उनके घर जाकर तो कभी किसी बैठक में। जो मतदाता चाहते हैं कि इस तरह के चुनाव सीधे जनता से होने चाहिए, वे भी इस बाजार में बिकने को तैयार खड़े हैं।

शपथ लिए बिना ही निकाल दिए छह साल
एमएलसी निकाय अशोक कटियार ने अपने छह साल के कार्यकाल में न तो नगर निगम सदन में हाजिरी लगायी, न ही सदन के पदेन सदस्य की शपथ ग्रहण किया। अब वह एक बार फिर से एमएलसी बनने की दौड़ में शामिल हो गए हैं। नगर निगम सदन के उपसभापति सुहैल अहमद बोले, जो जिम्मेदारी ही नहीं निभाएं, उनको ऐसे महत्वपूर्ण पद पर रहने का कोई औचित्य नहीं है।

वहीं अशोक कटियार इस मसले पर बड़ी ही सहजता से जवाब भी देते हैं कि हमें कभी बुलाया ही नहीं गया तो क्यों जाएं। एमएलसी कटियार के इस बर्ताव को ऐन चुनाव के वक्त उठाते हुए सपा पार्षदों ने शनिवार को निगम परिसर में एक बैठक भी की है। कहा गया कि एमएलसी नगर निगम का पदेन सदस्य होता है।

उसे शपथ लेना अनिवार्य होता है। जो व्यवस्था के प्रति संवेदनशील नहीं है, उसे यह पद मिलना, सही नहीं है। सपा पार्षद नवीन पंडित ने कहा कि सदन के पार्षद ऐसे जनप्रतिनिधि का विरोध करेंगे। सपाइयों ने ऐसा क्यों नहीं किया, इसका उनके पास जवाब नहीं है। 

कल्लू ने भरा पर्चा, हैं खदान के मालिक
कानपुर-फतेहपुर स्थानीय प्राधिकारी विधान परिषद सदस्य पद निर्वाचन के लिए सपा प्रत्याशी दिलीप सिंह उर्फ कल्लू यादव ने शनिवार को दोबारा नामांकन दाखिल किया। एक सेट में नामांकन दाखिल करने आए सपा प्रत्याशी के साथ पार्टी के छोटे-बड़े नेताओं का हुजूम था। जिसे रोकने में पुलिस को खासा पसीना बहाना पड़ा।

शनिवार को सपा प्रत्याशी का काफिला दोपहर एक बजे कलेक्ट्रेट पहुंचा। नारों के बीच सपा प्रत्याशी नामांकन कराने के लिए कलेक्ट्रेट पोर्टिकों में अनुमोदकों के साथ दाखिल हुए। फतेहपुर के जिलाध्यक्ष सुरेंद्र सिंह यादव, पूर्व सभापति विधान परिषद सुखराम यादव, पूर्व मंत्री शिव कुमार बेरिया, पूर्व सांसद राकेश सचान, श्रम संविदा बोर्ड के अध्यक्ष जगमोहन यादव, जहानाबाद विधायक मदन गोपाल भी साथ मौजूद रहे।

उन्होंने कलेक्ट्रेट के डीएम कोर्ट में एडीएम आलोक सिंह के समक्ष एक सेट में नामांकन पत्र दाखिल किया। सपा प्रत्याशी के नामांकन जुलूस में एमएलसी नरेश उत्तम, सदर नगर पालिका चेयरमैन चंद्र प्रकाश लोधी समेत बड़ी तादाद में सपा नेता शामिल रहे। 
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