आईजी दफ्तर में हाईटेक तरीके से जन शिकायतें सुनने और उसे निस्तारित करने की पहल हुई है। इसके लिए यहां पांच काउंटर बनाने का काम शुरू भी हो गया है। उम्मीद है कि 15 से 20 दिन में इन काउंटरों पर सुनवाई होने लगेगी।
जोन के विभिन्न जिलों से आने वाले लोग तीन काउंटर पर अपना प्रार्थना पत्र देकर उसकी रिसीविंग ले सकेंगे। चौथा काउंटर प्रदेश स्तरीय समस्या और पांचवां फैक्स एवं प्रिंटर के लिए होगा।
रेलवे काउंटर की तरह दिखने वाला नया सेटअप आईजी दफ्तर परिसर में बन रहा है। आईजी जोन आशुतोष पांडेय ने बताया कि जनता की परेशानी दूर करने की यह एक कोशिश है। इससे जनता की दौड़भाग बचेगी और वह अपने प्रार्थनापत्र पर कार्रवाई भी जान सकेंगे।
आमतौर पर 60-70 फीसदी लोगों के पास मोबाइल की सुविधा है। ऐसे में यह तकनीकी पहल उनके लिए कारगर साबित होगी। पांच काउंटर में चार जन सुनवाई वाले होंगे। इन पर तकनीकी रूप से सक्षम चार कांस्टेबल की तैनाती होगी।
इनके काम की देखरेख का जिम्मा दरोगा का होगा। आईजी ने बताया कि प्रार्थना पत्र लाने वाले शख्स को प्रार्थना पत्र में मोबाइल नंबर लिखना जरूरी होगा। प्रार्थना पत्र को मौजूद कांस्टेबल सबसे पहले स्कैन करेगा। इसके बाद शिकायतकर्ता को एक नंबर एलॉट कर दिया जाएगा।
रिसीविंग के रूप में शिकायतकर्ता को एक पर्ची मिलेगी। शिकायतकर्ता के सामने ही थाने का नंबर मिलाकर बातचीत और निर्देश दिया जाएगा। काउंटर के सामने की ओर बने डिस्पले बोर्ड पर यह सब कार्रवाई का मैसेज चलता दिखेगा।
केवल यही नहीं शिकायतकर्ता कभी भी अपने एलॉट नंबर का हवाला देकर अपडेट जान सकेगा। काउंटर से भी शिकायतकर्ता के मोबाइल नंबर पर मैसेज भेजकर उसे प्रार्थना पत्र पर कार्रवाई से अपडेट किया जाता रहेगा।
इसके लिए यदि किसी के पास व्हाट्सएप नंबर होगा तो उसे उसके व्हाट्सएप पर मैसेज से अपडेट किया जाएगा। आईजी ने बताया कि इस पूरी प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए आईटी विभाग की मदद से एक साफ्टवेयर तैयार किया गया है।
यह साफ्टवेयर प्रार्थना पत्र मिलने से लेकर उसके निस्तारण तक का पूरा लेखाजोखा रखने और निर्देशित करने में सक्षम है।