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सरकारी अस्पतालों का हाल: यहां अफसर सोते हैं, शव लिए लोग रोते हैं

Mon, 09 Jul 2018 06:06 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

-शव वाहन उपलब्ध कराने के दावे हैं हवा-हवाई
-सीएमओ की तरफ से जारी नंबर मिलते ही नहीं 
-नंबर मिलते हैं तो वाहन न होने का बहाना बनाया जाता
 
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फाइल फोटो
यूपी के कानपुर में स्वास्थ्य विभाग के तीमारदारों को शव वाहन उपलब्ध कराने के दावे हवा-हवाई हैं। शासन ने सरकारी अस्पतालों में मरने वाले मरीजों को उनके घर, पोस्टमार्टम हाउस, शमशान घाट आदि स्थानों में से जहां तीमारदार चाहें, वहां पहुंचे के लिए शव वाहन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
 
इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को चार शव वाहन उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें से दो वाहन उर्सला, एक माननीय कांशीराम संयुक्त चिकित्सालय और एक पुलिस लाइन में उपलब्ध कराया गया है। इसके बावजूद 7 जुलाई को हैलट में मरी उन्नाव की मासूम बालिका का शव ले जाने के लिए परिजन इमरजेंसी, वार्ड, ओपीडी, पुलिस चौकी भटकते रहे थे, पर शव वाहन नहीं मिला था। शहर के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल हैलट में एक भी शव वाहन नहीं है।

हैलट अस्पताल के प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके मौर्या ने बताया कि उनके अस्पताल में शव वाहन नहीं है। सीएमओ की तरफ से शव वाहन के लिए दिए गए नंबर अक्सर मिलते नहीं हैं। पड़ताल करने पर पता चला कि आधी अधूरी तैयारियों के साथ शुरू की गई यह व्यवस्था सफेद हाथी साबित हो रही है। किसी अस्पताल में इन वाहनों को चलाने के लिए चालक नहीं है तो कहीं अफसरशाही की वजह से वाहन नहीं मिलते।
 
 
 
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पिता के कंधे पर बच्ची की लाश की फाइल फोटो
रविवार को दोपहर में उर्सला का नंबर मिलाया गया तो स्विच आफ बताता रहा। दोपहर में ही कांशीराम अस्पताल का नंबर मिलाने पर ड्राइवर न होने की बात कह कर हाथ खड़े कर दिए गए। शाम को दोबारा डायल करने पर यह नंबर भी स्विच आफ बताता रहा। इसी तरह पुलिस लाइन का फोन मिलाने पर फोन उठाने वाले ने 10 मिनट बाद बताने के लिए कहा, पर वहां से फोन ही नहीं आया।

शासन के निर्देश का पालन होना चाहिए। मैं 10 जुलाई को इस संबंध में स्वास्थ्य मंत्री से बात करूंगा। कोशिश करूंगा है कि हैलट को भी शव वाहन मिले।
सत्यदेव पचौरी, कैबिनेट मंत्री

अस्पताल में शव वाहन के लिए तीमारदार आकस्मिक चिकित्साधिकारी या पीआरओ को बताएं। ईएमओ शव वाहनों के लिए इंचार्ज बनाए गए डॉक्टरों से संपर्क कर शव वाहन उपलब्ध कराएं। स्वास्थ्य विभाग कंट्रोल रूम में भी संपर्क  कर सकते हैं। वाहन न मिले तो अस्पताल के नोडल अधिकारी से संपर्क करें, वाहन उपलब्ध कराया जाएगा।
डॉ. अशोक शुक्ला, सीएमओ

 
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फाइल फोटो
शव वाहनों के लिए इन्हें दी गई जिम्मेदारी
अस्पताल का नाम                                    प्रभारी का नाम     फोन नंबर                    शव वाहनों की संख्या
उर्सला                                                    डॉ. मुन्ना लाल      8005003022                          2            
माननीय कांशीराम संयुक्त चिकित्सालय        डॉ. केएस मिश्रा      9415126310                          1
पुलिस लाइन                                          प्रतिसार निरीक्षक    0512-2304285, 2307003       1
सीएमओ कंट्रोल रूम                                ड्यूटीरत डॉक्टर    0512-2333810

स्वयंसेवा संस्थाओं के शव वाहन
सोसाइटी का नाम            मोबाइल नंबर    शव वाहनों की संख्या
हेमकुंड सोसाइटी               8799496354           1
बन्नू बिरादरी                    8176856208           3
गुरुद्वारा रामगढ़िया            9935412773           1
खालसा सेवा सोसाइटी       9235890215            1
गुरु सिंह सभा                   9235651644           1
गुरुद्वारा माता साहेब कौर    9559927757           1
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