कानपुर। जिले के 53 केंद्रों पर शनिवार को शुरू हुई उत्तर प्रदेश होमगार्ड भर्ती परीक्षा के पहले दिन स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े सवालों ने अभ्यर्थियों को खासा चौंकाया। गर्भावस्था, प्रसव या गर्भपात के 42 दिनों के भीतर महिला की मृत्यु की परिभाषा, राष्ट्रीय डॉक्टर दिवस की तिथि और एचआईवी रोकथाम की दवा के वितरण से जुड़े सवालों के जवाब देने में अभ्यर्थियों की हालत बिगड़ गई। उनका कहना था कि प्रश्नपत्र का स्तर अपेक्षा से अधिक व्यापक और कांस्टेबल भर्ती परीक्षा जैसा रहा।
दो पालियों में आयोजित परीक्षा में 100 अंकों के प्रश्नपत्र में यूपी विशेष, समसामयिकी, सामान्य ज्ञान, संविधान, इतिहास, भूगोल और रीजनिंग से संबंधित प्रश्न शामिल थे। नेगेटिव मार्किंग नहीं होने के कारण अधिकांश अभ्यर्थियों ने सभी प्रश्नों के उत्तर देने का प्रयास किया। राजकीय पॉलिटेक्निक केंद्र से बाहर निकले अभ्यर्थियों ने पेपर को सरल से मध्यम स्तर का बताया। हालांकि उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और करेंट अफेयर्स के प्रश्नों ने सोचने पर मजबूर किया।
अभ्यर्थी शिवम यादव ने कहा कि पेपर थोड़ा कठिन था जबकि पूजा वर्मा ने बताया कि सभी प्रश्न हल करने का प्रयास किया गया। पहले दिन पंजीकृत 38,400 अभ्यर्थियों में लगभग 28262 उपस्थित और 10138 अनुपस्थित रहे। शहर में अमेठी, अंबेडकर नगर, रायबरेली, भदोही, इटावा, फिरोजाबाद समेत प्रदेश के अन्य जिलों के अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। केंद्रों में प्रवेश से पहले सभी अभ्यर्थियों की सघन जांच की गई और जूते, बेल्ट, घड़ी, मोबाइल और अन्य प्रतिबंधित वस्तुएं बाहर उतरवाई गईं।
सामान्य ज्ञान और समसामयिक घटनाओं से अधिक प्रश्न पूछे गए। निगेटिव मार्किंग न होने से मैंने पूरे 100 प्रश्न हल किए। - विवेक शुक्ला, हरदोई
होमगार्ड भर्ती के हिसाब से सवालों का स्तर थोड़ा ऊंचा था, लेकिन अच्छी तैयारी वाले अभ्यर्थियों के लिए यह स्कोरिंग रहा। - खुशबू, औरैया