बिल्हौर। सोमवार को पिहानी मजबूत नगर गांव सहित बिल्हौर देहात में डेंगू से दो महिलाओं की मौत हो गई। पीड़ित परिजनों का आरोप है कि स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार हो रही लापरवाही के कारण डेंगू से लोग अपनी जान गवा रहे हैं, लेकिन इसके बाद भी सीएचसी के डॉक्टर और कर्मचारी सक्रियता नहीं दिखा रहे हैं। क्षेत्रीय लोगों ने जल्द सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिल्हौर में डेंगू के लिए अलग वार्ड और पीजीआई लखनऊ के विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती की मांग की।
बिल्हौर देहात की ग्राम प्रधान सारिका कटियार की गोहलियापुर निवासी चाची रामकिशोर (60) पत्नी ओमप्रकाश बीते करीब एक सप्ताह से डेंगू से पीड़ित थीं। प्रधान पति चंद्रशेखर कटियार ने बताया कि चाची रामकिशोरी का इलाज कानपुर के कई हॉस्पिटल में चला, लेकिन सुधार न हुआ। सोमवार दोपहर उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इसी तरह पिहानी मजबूत नगर गांव निवासी किरण (30) पत्नी लवकुश भी बीते करीब एक सप्ताह से डेंगू से पीड़ित थी। लवकुश ने बताया कि पत्नी को गांव में लगे स्वास्थ्य कैंप में दिखाया पर कोई सुधार न हुआ। किरण को टीबी की भी शिकायत थी, उपचार के दौरान सोमवार को किरण की मौत हो गई। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए परंपरागत कीटनाशकों का छिड़काव करने और अच्छी दवाई न दिए जाने का भी आरोप लगाया है।
उधर, सीएचसी प्रभारी डॉ. अरविंद भूषण ने बताया कि क्षेत्र के सभी प्रभावित गांवों में रोकथाम के लिए लगातार कीटनाशकों का छिड़काव किया जा रहा है और कैंप लगाकर पीड़ितों को दवाएं वितरित की जा रही हैं। उन्हें उक्त दोनों महिलाओं की डेंगू से हुई मौत की जानकारी नहीं है।