कानपुर में आईआईटी में आत्महत्या करने वाले छात्र जय के भाई ने पुलिस की तहरीर में जिक्र किया है कि वो पढ़ाई नहीं, किसी पावरफुल व्यक्ति से भाई डरा रहता था। कहा कि एक साल से भाई फोन करके पूछता था कि कैंपस से किसी सीनियर या प्रोफेसर का फोन तो नहीं आया था।
मेरा भाई पढ़ाई के कारण नहीं मर सकता, उस पर कोई और ही दबाव था, जिस कारण उसने हाथ की नस काटी और फंदे से लटक गया। वह फोन पर बात करते समय डरा रहता था। पूछता था कि किसी सीनियर या प्रोफेसर का फोन तो नहीं आया था।
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विश्वास न होने पर पापा की कसम दिलाता था। बैक पेपर भी क्लियर हो गया था। यह कहना है कि आईआईटी में आत्महत्या करने वाले छात्र जय सिंह मीणा के भाई धर्मेंद्र सिंह मीणा का, जिन्होंने पुलिस को दी तहरीर में छात्र के किसी पावरफुल व्यक्ति से डरने का जिक्र किया है। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर राजस्थान रवाना हो गए।
मूल रूप से राजस्थान के अजमेर अवधपुरी जोंसगंज निवासी आईआईटी छात्र जय सिंह मीणा के परिजन मंगलवार सुबह पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। बड़े भाई धर्मेंद्र सिंह मीणा और बहन डॉक्टर ज्योति मीणा शव देखकर फफक पड़ीं।
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सोमवार को बायो इंजीनियरिंग कर रहे जय सिंह का शव हॉस्टल नंबर दो के रूम 148 में फंदे से लटका मिला था। इसकी खबर पाकर भाई-बहन के साथ मौसेरी बहन पारूल, जीजा नरेंद्र, मामा पवन सिंह, महेंद्र सिंह समेत अन्य परिजन पहुंचे। बैंक की तैयारी कर रहे धर्मेंद्र ने बताया कि पिता गौरी शंकर मीणा एसबीआई में मैनेजर थे और 2008 में उनकी दुर्घटना में मौत हो गई थी।
धर्मेंद्र ने बताया कि रविवार को भाई जय की बात मां तारादेवी से हुई थी। कुछ दिन पहले नाना की मौत होने के चलते तब मां ने उससे राजस्थान स्थित तकराना झुनझुगन गांव जाने की बात कही थी। इस पर जय ने उन्हें जाने से मना कर दिया था। उसने कहा था कि सोमवार शाम को घर आएगा तो साथ में चलेगा।
धर्मेंद्र ने बताया कि रिजर्वेशन रद्द कराने के बाद सोमवार सुबह जय को कॉल किया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद दिन में करीब 50 से 60 कॉल किए, कोई जवाब न मिलने पर चिंता हुई। अनहोनी की आशंका के कारण उनके रूम पार्टनर सुमित को कॉल किया। सुमित ने तीसरे साथी विकास मीणा को जय के कमरे पर भेजा तो उसका शव फंदे से लटका मिला।
आईआईटी प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग
धर्मेंद्र ने आईआईटी प्रशासन से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जाए, क्योंकि जय कुछ दिनों से डर रहा था। वह किसी पावरफुल व्यक्ति के बारे में बोलता था और कहता था कि उसका कोई कुछ नहीं कर सकता।
बहन ज्योति ने बताया कि एक साल से भाई फोन करके पूछता था कि कैंपस से किसी सीनियर या प्रोफेसर का फोन तो नहीं आया। मना करने पर भी वह मानता नहीं था और कहता था, पापा की कसम खाओ। रविवार को सुबह 11:30 बजे हुई बातचीत में वह बहुत खुश था।
आईआईटी कानपुर के बीटेक छात्र ने फंदा लगाकर दी जान
कानपुर आईआईटी में बीटेक अंतिम वर्ष के छात्र जय सिंह मीणा (26) ने रविवार रात फंदा लगाकर जान दे दी। इससे पहले उसने चार बार हाथ की नस काटने की कोशिश की। एक नोट बुक में सुसाइड नोट... सॉरी एवरी वन लिखा मिला है।
कल्याणपुर एसीपी आशुतोष कुमार ने बताया कि राजस्थान के अजमेर के अवधपुरी निवासी गौरीशंकर का बेटा जय सिंह मीणा आईआईटी में बायोलॉजिकल साइंसेज एंड बायोइंजीनियरिंग में बीटेक अंतिम वर्ष का था। हॉस्टल नंबर दो के कमरा नंबर 148 में रहता था।
परिजन के लगातार फोन करने के बाद जब कॉल रिसीव नहीं हुई तो उसके दोस्त से बात की। इसके बाद सोमवार सुबह आईआईटी प्रशासन को घटना की जानकारी हुई। सूचना पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने दरवाजा तोड़ा तो छात्र का शव पाइप से चादर के सहारे लटका मिला।
छात्र के नोट बुक में एक लाइन का सुसाइड नोट लिखा मिला है। फॉरेंसिक ने बुक और मोबाइल को जांच के लिए कब्जे में लिया है। एसीपी के मुताबिक शव करीब 10-12 घंटे पुराना लग रहा है।