फिनालिक रेजिन में पेंट के दूसरे पदार्थों को बांधने की शक्ति होती है। सहज ने बताया कि कार्डानाल में फिनाल रसायन और हाइड्राक्सिल का संयोजन होता है, इसीलिए इसे पानी में घुलनशील बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि पेंट खराब होने के कारण सूर्य की किरणें और पानी होता है।
काजू के छिलके से बनने वाला पेंट पानी और जंग प्रतिरोधी है। साथ ही यह इको फ्रेंडली है।इंडस्ट्री में इस्तेमाल होने वाले पेंट को इससे बदला जा सकता है। कार में इस्तेमाल होने वाले प्राइमर में भी इसका इस्तेमाल होता है। वर्तमान में सभी पेंट में स्प्रिट मिलाई जाती है।
25 फीसदी टिकाऊ, 30 फीसदी सस्ता
काजू के छिलके से बनने वाला पेंट अन्य के मुकाबले 25 फीसदी अधिक टिकाऊ और 30 फीसदी अधिक सस्ता है। वर्तमान के पेंट्स में पेट्रोलियम आधारित पदार्थों का इस्तेमाल होता है, जो काफी महंगा पड़ता है। काजू के छिलके से तैयार होने वाला पेंट पानी में घुलनशील होने के कारण इसका इस्तेमाल भी आसानी से कम कीमत पर हो सकेगा।
पेंट टेक्नोलाजी के विभागाध्यक्ष प्रो. अरुण मैथानी ने बताया कि इसकी एक बड़ी खामी है कि इससे केवल गहरे रंग ही तैयार किए जाते हैं। इससे हल्का रंग नहीं तैयार किया गया है। हालांकि इस पर भी रिसर्च चल रही है। उम्मीद है कि जल्द ही हल्के रंग भी तैयार हो सकेंगे।