कानपुर। हरकोर्ट बटलर प्राविधिक विश्वविद्यालय (एचबीटीयू) में एडवांसेज इन फार्मास्युटिकल एंड बायोलॉजिकल साइंसेज विषय पर दो दिवसीय नेशनल कॉन्फ्रेंस एनसीएपीबीएस-2026 का आयोजन शुक्रवार को हुआ। स्कूल ऑफ फार्मास्युटिकल एंड बायोलॉजिकल साइंसेज की ओर से आयोजित सम्मेलन में वैज्ञानिकों और शोधार्थियों ने भविष्य की चिकित्सा तकनीकों और नवाचार पर मंथन किया।
शुभारंभ के दौरान कुलपति प्रो. शमशेर ने कहा कि वैश्विक चिकित्सा चुनौतियों से निपटने के लिए अनुसंधान और नवाचार की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। विशिष्ट अतिथि और जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की उप प्राचार्य डॉ. ऋचा गिरी ने चिकित्सा शोध में नैतिक मूल्यों और आधुनिक तकनीक के महत्व पर प्रकाश डाला।
तकनीकी सत्र में सीडीआरआई लखनऊ के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मनीष चौरसिया ने ड्रग डिस्कवरी पर चर्चा की, जबकि आईआईटी कानपुर के प्रो. विवेक वर्मा ने घाव भरने के लिए आधुनिक मेडिकल पैचेस और उपचार प्रक्रिया का विवरण प्रस्तुत किया।
प्रो-वाइस चांसलर प्रो. दीप्तिक परमार और कुलसचिव अमित राठौर ने नवाचार आधारित शिक्षा पर बल दिया। सम्मेलन में पोस्टर और मौखिक प्रस्तुतियों के माध्यम से युवा वैज्ञानिकों ने अपने शोध साझा किए। कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष प्रो. ललित कुमार सिंह और संयोजक नीरज मिश्रा ने बताया कि सम्मेलन के दौरान शोध संकलन पुस्तक का भी विमोचन किया गया।