कानपुर। सतत प्रौद्योगिकी और ग्रामोद्योग आधारित नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एचबीटीयू) और कुमारप्पा नेशनल हैंडमेड पेपर इंस्टीट्यूट (केएनएचपीआई) के बीच शैक्षणिक एवं शोध सहयोग के लिए समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस साझेदारी का उद्देश्य ग्रामीण उद्योगों से जुड़ी तकनीकों के विकास, संरक्षण और विस्तार को नई दिशा देना है।
एमओयू के तहत आत्मनिर्भर भारत और मेक इन इंडिया की अवधारणा को आगे बढ़ाने के लिए हस्तनिर्मित कागज, खादी, गोबर आधारित पेंट और प्राकृतिक डाई जैसे क्षेत्रों में संयुक्त अनुसंधान एवं तकनीक का विकास किया जाएगा। कुलपति प्रो. समशेर की उपस्थिति में एचबीटीयू के कुलसचिव अमित कुमार राठौर और केएनएचपीआई के निदेशक डॉ. राहुल मिश्रा ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
दोनों संस्थान मिलकर संयुक्त पाठ्यक्रम शुरू करेंगे जिनमें छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। कुलपति प्रो. समशेर ने कहा कि इससे नवाचार आधारित शोध को गति मिलेगी। वहीं डॉ. राहुल मिश्रा ने कहा कि इस सहयोग से पारंपरिक हस्तशिल्प कौशल का संरक्षण होगा और उत्पादन प्रक्रियाएं अधिक सरल व प्रभावी बनेंगी।
इस अवसर पर डीन एचबीटीयू के डॉ. प्रवीण यादव, केमिकल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष डॉ. जीएल देवनानी, डॉ. आशीष कपूर, डॉ. वंदना दीक्षित, डॉ. शीना गौतम, डॉ. अंजली अवस्थी और डॉ. प्रणव चौधरी सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।