हरकोर्ट बटलर टेक्नोलॉजिकल इंस्टीट्यूट (एचबीटीआई) की सेमेस्टर परीक्षाओं की कॉपियों में गुरुवार को आग लगा दी गई। इससे बीटेक, एमटेक, एमसीए और प्री-पीएचडी की करीब 10 बंडल कॉपियां जलकर राख हो गईं। तमाम कॉपियों के गायब होने की आशंका जताई जा रही है।
केंद्रीय मूल्यांकन भवन और उसके अंदर के रूम जहां कॉपियां रखी हैं, के ताले गायब हैं। दरवाजों की सील भी टूटी है। इस घटना के बाद मूल्यांकन कार्य रोक दिया गया है।
मामले की जांच-पड़ताल के बाद ही कॉपियां जांची जा सकेंगी। अब निर्धारित तारीख 5 जून तक रिजल्ट घोषित नहीं किए जा सकेंगे। मामले की जांच के लिए एचबीटीआई प्रशासन ने पांच सदस्यीय कमेटी गठित करके दो दिन में रिपोर्ट तलब की है।
तकनीकी संस्थान प्रशासन ने एफआईआर के लिए तहरीर नवाबगंज पुलिस को दे दी है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की।एचबीटीआई की सम सेमेस्टर (बीटेक दूसरे, चौथे, छठवें और आठवें सेमेस्टर, एमटेक, एमसीए, प्री-पीएचडी) की परीक्षाएं 16 मई को संपन्न हुई थीं।
इसके बाद से कॉपियां जांची जा रही हैं। जहां कॉपियां रखी हैं, वहां ताला लगता है। अंदर का दरवाजा सील रहता है। मूल्यांकन प्रभारी डॉ. एसके नागर ने बताया कि बुधवार को कॉपी जंचवाने के बाद केंद्रीय मूल्यांकन भवन को सील किया गया था, लेकिन गुरुवार सुबह पौने दस बजे अटेंडेंट शिव नारायण यादव पहुंचे तो सील टूटी मिली। बाहर और अंदर के रूम के ताले भी गायब मिले।
जहां कॉपियां रखी थीं, वहां आग लगी थी। अग्निशमन यंत्र और पानी की मदद से आग पर काबू पाया गया। पानी से कॉपियां भीग गई हैं। इससे लिखावट भी मिट गई है। मौके पर पहुंचे परीक्षा नियंत्रक डॉ. मनोज शुक्ला और अपर परीक्षा नियंत्रक डॉ. वंदना दीक्षित का कहना है कि मामले की रिपोर्ट निदेशक प्रो. एके नागपाल को दे दी गई है।
ऐसा लगता है कि केंद्रीय मूल्यांकन भवन में लगने वाले तालों की डुप्लीकेट चाभी बनवाकर घटना को अंजाम दिया गया है। मामले की जांच के लिए डॉ. करुणाकर सिंह, डॉ. राजीव गुप्ता, डॉ. वीके त्यागी, डॉ. डीएल परमार और डॉ. एसयू सिद्दीकी की कमेटी गठित कर दी है। यह कमेटी दो दिन में रिपोर्ट देगी, फिर आगे की कार्रवाई होगी। एचबीटीआई में इस तरह की पहली घटना से शिक्षक और स्टूडेंट्स स्तब्ध हैं।
उनका कहना है कि कॉपियों में ज्यादा नुकसान हुआ है तो एग्जाम दोबारा कराया जाना चाहिए।
एचबीटीआई,निदेशक,नागपाल ब्ताया कि यह कामकाज से ध्यान भटकाने की कोशिश है। शरारती तत्वों ने ताला गायब करके सील तोड़ी और कॉपियों में आग लगाई है। मामले की जांच कमेटी कर रही है। जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। ज्यादा कॉपियां नष्ट नहीं हुई हैं। बीटेक मैकेनिकल की कुछ कॉपियां जली हैं। पुरानी परीक्षा की कॉपियों के बंडल में भी आग लगाई गई थी। पुलिस भी जांच कर रही है। केंद्रीय मूल्यांकन भवन की सुरक्षा अब चुस्त-दुरुस्त की जाएगी।- प्रो. एके
सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे
एचबीटीआई को यूजीसी से स्वायत्तता मिली है। संस्थान अपना पेपर बनाता और परीक्षा कराके कॉपी जंचवाता है। इसके बावजूद केंद्रीय मूल्यांकन भवन की व्यवस्थाएं खराब हैं। एक भी सीसीटीवी कैमरा नहीं लगा है। इसी का फायदा आग लगाने वालों ने उठाया है। बताते हैं कि तत्कालीन सुरक्षा प्रभारी डॉ. जितेंद्र द्विवेदी ने सीसीटीवी कैमरा लगाने की सिफारिश की थी, जिसे नजरंदाज कर दिया गया।
गुटबाजी का नतीजा
केंद्रीय मूल्यांकन भवन की घटना गुटबाजी का नतीजा है। यहां दो अलग-अलग गुट काम कर रहे हैं, जिनमें आपसी टकराव बना रहता है। दोनों गुट एक दूसरे को नीचा दिखाने की कोशिश में लगे रहते हैं।