अब तक आ चुके हैं 15 मरीज
इसके अलावा उर्सला और निजी अस्पतालों में रोगी इलाज करा रहे हैं। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की उप प्राचार्य डॉ. रिचा गिरि ने बताया कि कुछ रोगियों को डायरिया और गैस्ट्रोइंटाइटिस हो जा रहा है। इसके बाद वह एकेआई की स्थिति में चले जाते हैं। डॉ. सिन्हा ने बताया कि अब तक वे ऐसे 15 रोगी देख चुके हैं।
मरीजों को नहीं हो रहा है पेशाब
सिर्फ हाई ग्रेड फीवर आया है। उसके बाद गुर्दे खराब हो गए। यह वायरल संक्रमण है। सीनियर फिजीशियन डॉ. जेएस कुशवाहा ने बताया कि ओपीडी में आए तीन ऐसे रोगियों को भर्ती किया है, जिन्हें गुर्दे की खराब की वजह से दो दिन से पेशाब नहीं हुआ था।
गर्मी में अधिक वाष्पीकृत हो रहा शरीर का पानी
- जाड़े में शरीर से वाष्पीकृत होता 500 एमएल पानी।
- गर्मी में धूप में घूमने वालों के शरीर से वाष्पीकृत होता है दो से ढाई लीटर पानी।
- गर्मी में घर में रहने वालों के शरीर से वाष्पीकृत होता तो एक लीटर से 1200 एमएल पानी।
- शरीर में वजन के हिसाब से होना चाहिए 60 फीसदी पानी।