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हरतालिका तीज: 70 साल बाद बना महाजयंती योग का अद्भुत महासंयोग, पढ़ें पूजन का मुहूर्त

Sat, 12 Sep 2026 10:25 PM IST
Shikha Pandey न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

पति की लंबी उम्र के लिए हरतालिका तीज पर 14 को सुहागिनें अखंड उपवास रखेंगी। विवाह में बाधा मिटाने और मनोवांछित वर की प्राप्ति के लिए कन्याएं भी व्रत रखेंगी।
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हरतालिका तीज व्रत 2026 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सुहागिनों का महापर्व हरतालिका तीज 14 सितंबर को है। इस बार हरतालिका तीज पर महाजयंती योग का महासंयोग बन रहा है। इस व्रत में सौभाग्यवती स्त्रियां अपने पति की दीर्घायु, आरोग्यता और अनुकूलता की कामना करती हैं। कुमारी कन्याएं भी मनोवांछित वर की प्राप्ति के लिए यह व्रत करती हैं। इसमें मां गौरी और शिव परिवार का पूजन किया जाता है।

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ज्योतिषाचार्य पीएन द्विवेदी का कहना है कि ऐसा महासंयोग 70 साल बाद बन रहा है। इस व्रत के देवता मां पार्वती और उप देवता भगवान शिव हैं। इस दिन स्वाति नक्षत्र, सोमवार का दिन, चतुर्थी तिथि, ब्रह्मयोग और रवि सिद्धि योग के कारण महाजयंती योग का महासंयोग बन रहा है। हरतालिका व्रत तृतीया से युक्त चतुर्थी तिथि में किया जाता है।

सोमवार सुबह सात बजकर सात मिनट पर तृतीया तिथि समाप्त होकर चतुर्थी तिथि का आगमन हो रहा है। अगले दिन मंगलवार सुबह सात बजकर 45 मिनट पर चतुर्थी तिथि समाप्त हो रही है। शास्त्रों में कहा गया है कि तृतीया तिथि के बाद सायंकाल में चतुर्थी तिथि हो तो उसी दिन हरतालिका व्रत मनाया जाता है।

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पूजन का मुहूर्त
हरतालिका का व्रत सोमवार सुबह से शुरू हो जाएगा। विधिवत पूजन का समय प्रदोष काल गोधूलि बेला में माना गया है। ऐसे में पूजन का मुहूर्त शाम छह बजकर 35 मिनट से प्रारंभ होना चाहिए। इस दिन भद्राकाल शाम सात बजकर 34 मिनट से प्रारंभ हो रहा है। भद्रा तुला राशि में है। तुला राशि की भद्रा का वास पाताल लोक में होता है। पाताल लोक के भद्राकाल में पूजन से नुकसान नहीं होता, बल्कि धन का आगमन होता है।

 
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कुमारी कन्याओं के लिए विशेष महत्व
ज्योतिषाचार्य मनोज कुमार द्विवेदी ने बताया कि यदि कन्याएं महाजयंती योग के महासंयोग में गौरी पूजन करती हैं तो विवाह में आ रही बाधा या रुकावट समाप्त हो जाती है। इस व्रत के करने से मनोवांछित फल मिलता है। मां पार्वती ने यह व्रत करके भगवान शिव को प्राप्त किया था। उसी समय से इस व्रत की परंपरा प्रारंभ हुई।
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