सुहागिनों का महापर्व हरतालिका तीज 14 सितंबर को है। इस बार हरतालिका तीज पर महाजयंती योग का महासंयोग बन रहा है। इस व्रत में सौभाग्यवती स्त्रियां अपने पति की दीर्घायु, आरोग्यता और अनुकूलता की कामना करती हैं। कुमारी कन्याएं भी मनोवांछित वर की प्राप्ति के लिए यह व्रत करती हैं। इसमें मां गौरी और शिव परिवार का पूजन किया जाता है।
ज्योतिषाचार्य पीएन द्विवेदी का कहना है कि ऐसा महासंयोग 70 साल बाद बन रहा है। इस व्रत के देवता मां पार्वती और उप देवता भगवान शिव हैं। इस दिन स्वाति नक्षत्र, सोमवार का दिन, चतुर्थी तिथि, ब्रह्मयोग और रवि सिद्धि योग के कारण महाजयंती योग का महासंयोग बन रहा है। हरतालिका व्रत तृतीया से युक्त चतुर्थी तिथि में किया जाता है।
सोमवार सुबह सात बजकर सात मिनट पर तृतीया तिथि समाप्त होकर चतुर्थी तिथि का आगमन हो रहा है। अगले दिन मंगलवार सुबह सात बजकर 45 मिनट पर चतुर्थी तिथि समाप्त हो रही है। शास्त्रों में कहा गया है कि तृतीया तिथि के बाद सायंकाल में चतुर्थी तिथि हो तो उसी दिन हरतालिका व्रत मनाया जाता है।