जिला सहकारी बैंक की बकाया वसूली में लापरवाही और नॉन परफॉर्मिंग एसेट (एनपीए) बढ़ने पर शासन ने बड़ी कार्रवाई की है। पांच शाखा प्रबंधक सहित छह लोगों को निलंबित किया गया है। दो सेवानिवृत्त प्रबंधक सहित सात पर कार्रवाई की संस्तुति की गई है। प्रबंध समिति की तरफ से की गई कार्रवाई से बैंक अधिकारियों-कर्मचारियों में खलबली है।
जिला सहकारी बैंक की तरफ से किसानों को दिए जाने वाले कर्ज की समय से वसूली की भी व्यवस्था दी गई है। वहीं कर्ज दिए जाने से पहले लाभार्थियों की जांच-पड़ताल का भी प्रावधान है। सहकारी बैंक की पाली, पिहानी, सांडी, सुरसा और टड़ियावां शाखा में वित्तीय वर्ष 2023-24 से बकाया वसूली में जिम्मेदारों ने लापरवाही की, इससे एनपीए बढ़ गया।
सहकारिता विभाग के आयुक्त ने मामले की उप निबंधक के माध्यम से जांच कराई। जांच में दोषी पाए गए शाखा प्रबंधक, कैशियर पर कार्रवाई की संस्तुति बैंक की प्रबंध समिति से की गई थी। जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक अश्वनी कटियार ने बताया कि प्रबंध समिति ने आयुक्त कार्यालय की रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की है। इसमें जिला सहकारी बैंक पाली के शाखा प्रबंधक बहराम, कैशियर दीपक सिंह, पिहानी के शाखा प्रबंधक रामपाल, सांडी और सुरसा के शाखा प्रबंधक भानु प्रताप सिंह, टड़ियावां और सुरसा की शाखा प्रबंधक श्रद्धा सिंह और मल्लावां के शाखा प्रबंधक शैलेश कुमार को निलंबित किया गया है। जबकि दो सेवानिवृत शाखा प्रबंधक राकेश त्रिपाठी और मूलचंद पर भी अलग से कार्रवाई की जा रही है।