एसपी ने घटना का खुलासा करने वाली टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है। संडीला कोतवाली क्षेत्र के सरॉय मारूफपुर निवासी गंगाराम ने छह अगस्त 2023 को संडीला कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि उसकी बहू सोनम (30) घर से संडीला बाजार जाने की बात कहकर निकली थी लेकिन वापस नहीं आई। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कर ली। इसके बाद से मामले की विवेचना होती रही।
मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल का रिकॉर्ड निकलवाया
अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी नृपेंद्र के मुताबिक सीओ संडीला संतोष सिंह को 12 जून को मामले की विवेचना सौंपी गई। लंबित विवेचनाओं की सूची में आ जाने के कारण इसका निस्तारण जल्द करने के निर्देश दिए गए। इसके बाद सोनम के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल का रिकॉर्ड निकलवाया गया। इससे मिले सुरागों के आधार पर माधौगंज थाना क्षेत्र के जेहदीपुर निवासी मसीदल का भी सीडीआर निकलवाई गई।
पिता-भाई से की गई पूछताछ
इसके बाद दोनों की लोकेशन भी सर्विलांस समेत अन्य अत्याधुनिक तकनीकों से निकलवाई गई। कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिलने पर मंगलवार को मसीदुल के भाई समीदुल और पिता अयूब को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस का दावा है कि इन दोनों ने बताया कि सोनम और मसीदुल के बीच नजदीकियां थीं। छह अगस्त 2023 को मसीदुल अपने साथ सोनम को लेकर दिल्ली गया था। वहां एक दोस्त के कमरे में रुका।
हत्या कर शव कुएं में फेंक दिया
यहां का माहौल ठीक न देखकर सोनम और मसीदुल का विवाद हुआ। इसके बाद मसीदुल वापस सोनम के साथ गांव आ गया। माहौल खराब होने की बात को लेकर दोनों के बीच गांव में विवाद हुआ। आठ अगस्त की रात मसीदुल, समीदुल और अयूब ने मिलकर सोनम की हत्या कर दी। शव गांव के बाहर झाड़ियों के बीच स्थित कुएं में फेंक दिया। यह सब पता चलने पर सीओ संडीला संतोष सिंह, सीओ बिलग्राम आरपी सिंह, संडीला के अतिरिक्त निरीक्षक इंद्रेश यादव आदि आयुब व समीदुल को लेकर मौके पर पहुंचे।
कंकाल के साथ सोनम के कपड़े, सैंडल अादि बरामद
कुएं से सोनम का कंकाल बरामद हुआ। कंकाल के साथ सोनम के कपड़े, सैंडल और हेयर क्लिप बरामद हुई। सोनम के ससुर गंगाराम और पति शशिचंद्र को मौके पर बुलवाया गया। कंकाल के साथ मिले सामान को देखकर यह लोग बिलख पड़े। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि समीदुल और उसके पिता आयूब को गिरफ्तार किया गया है। दावा किया कि जल्द ही मसीदुल को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
दो साल में बदले छह विवेचक, अब हो पाया खुलासा
अपहरण की आशंका जताते हुए गंगाराम ने संडीला कोतवाली में मामला दर्ज कराया था। मामले की विवेचना दो साल में छह विवेचकों ने की लेकिन किसी को कोई खास सुराग नहीं मिला। यह भी कहा जा सकता है कि विवेचकों ने बहुत गंभीरता से घटना की विवेचना नहीं की। ज्यादातर विवेचक मानते रहे कि महिला अपनी मर्जी से किसी के साथ गई है और अब तक शादी कर साथ रहने लगी होगी। विवेचना पूरी न होने के कारण पुरानी लंबित विवेचनाओं की सूची में यह मामला टॉप टेन में आ गया तो सीओ संतोष सिंह को विवेचना सौंपी गई। अंतत: घटना का खुलासा हो गया।
कंकाल निकालने से पहले वन विभाग की टीम से निकलवाना पड़ा अजगर
ग्रामीणों के मुताबिक जेहदीपुर के जिस कुएं में शव डाला गया था वह घनी झाड़ियों के बीच है। उस तरफ अजगर समेत कई जहरीले सांपों के होने की चर्चाओं के कारण ग्रामीण उधर नहीं जाते हैं। मंगलवार को बरसात के दौरान जब पुलिस अयूब और समीदुल को लेकर गांव पहुंची तो ग्रामीणों ने भी पहले कुएं की तरफ जाने से इन्कार कर दिया। फिर पुलिस को जाता देख बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। कुएं में उतरकर कंकाल निकालने की तैयारी हो रही थी लेकिन तभी कुएं में अजगर नजर आ गया। इस पर वन विभाग की टीम को बुलाया गया। टीम ने अजगर पकड़ लिया। इसके बाद यहां से पुलिस कर्मियों ने कंकाल बरामद किए।
रांग नंबर लगा था, फिर दिल लगा और हो गई हत्या
पुलिस से जुड़े विश्वस्त सूत्र बताते हैं कि मसीदुल कहीं फोन कर रहा था। गलती से सोनम का नंबर लग गया। रांग नंबर होने की बात सामने आने पर मामला खत्म हो गया। इसके बाद कभी मसीदुल तो कभी समीदुल सोनम को फोन करने लगे। रांग नंबर से शुरु हुई बात में सोनम का दिल दोनों भाइयों से लग गया। इसके बाद सोनम मसीदुल के साथ गई और अब दो साल बाद उसका कंकाल मिला है।