हरदोई जिले में दहेज हत्या के मामले में 10 दिन पहले खुद को सरेंडर करने वाली सास की जेल में अचानक हालत बिगड़ गई। महिला को जिला अस्पताल लाया गया। यहां पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। हरपालपुर थाना के अर्जुनपुर निवासी राजकुमार की पत्नी रीता की सन् 2019 में चार जून को जहर खाने से मौत हो गई थी।
उसके अगले दिन पांच जून को फतेहगढ़ भगवन्तपुर मलवा निवासी मृतका के बाबा श्रीपाल ने रीता के पति राजकुमार, देवर पवन कुमार और सास कुसुमा (56) पत्नी रामेश्वर के खिलाफ दहेज हत्या का मामला दर्ज कराया था। इसमें पति राजकुमार की पहले ही गिरफ्तारी हो चुकी थी। कुसुमा ने इसी साल एक मई को खुद को पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया था।
उसके बाद उसे जेल भेज दिया गया। जहां बुधवार की सुबह कुसुमा की तबीयत बिगड़ गई। उसे पहले तो जेल के अस्पताल में दिखाया गया, वहां के डॉक्टर ने उसे जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। जेल प्रशासन कुसुमा को लेकर जिला अस्पताल जा रहा था, उसी बीच उसकी रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। ईएमओ डॉक्टर शेर सिंह का कहना है कि मृत अवस्था में जेल से महिला को लाया गया था। इसका पता होते ही जेल प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए। वहीं जेल प्रशासन का कहना है कि कुसुमा बुजुर्ग थी और बीमार भी चल रही थी। इसके चलते ही उसकी मौत हो गई।