बैठक में बोलती संडीला विधायक अलका सिंह
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तकरीबन एक साल बाद शनिवार को बुलाई गई नगर पालिका बोर्ड की बैठक सभासदों के बहिष्कार और संडीला विधायक के तीखे तेवरों की भेंट चढ़ गई। बैठक में क्षेत्रीय विधायक ने बजट में मिले 39 करोड़ रुपये से अधिक के खर्च का हिसाब पूछा तो मौजूद जिम्मेदार सकपका गए और चुप्पी साध ली। इसी बीच 15 साल से सभासद के दो काम न हो पाने का मामला उठ गया और फिर सभासदों ने भी बहिष्कार कर दिया। इस सबके बीच बैठक स्थगित हो गई। विधायक ने खर्च का ब्योरा उन्हें और सभी सभासदों को तीन चार दिन में देने के निर्देश भी दिए हैं।
संडीला नगर पालिका सभागार में शनिवार को आयोजित बैठक में संडीला विधायक अलका अर्कवंशी भी शामिल हुईं। उनकी मौजूदगी में बैठक में मौजूद सभासदों ने 21 जून 2023 को हुई बैठक में पारित प्रस्तावों का ब्योरा मांगा। साथ ही 39 करोड़ 98 लाख 21 हजार रुपये की पालिका की आय से खर्च हुए बजट का ब्योरा भी मांग लिया। इस पर विधायक ने कहा कि ब्योरा तो देना ही चाहिए और पिछली बैठक के प्रस्तावों की पुष्टि भी होनी चाहिए।
विधायक ने अधिशासी अधिकारी और अध्यक्ष की ओर इशारा करते हुए, बिना नाम लिए कहा कि बजट कहां खर्च हुआ बताएं। इस पर ईओ से लेकर अध्यक्ष तक ने चुप्पी साध ली। इसी बीच बैठक में आईं वार्ड संख्या 24 की सभासद अनीसा और उनके पति बच्चू ने कहा कि तीसरी बार सभासद हैं, लेकिन दो विकास कार्य भी नहीं हुए। इस पर संडीला विधायक फिर तीखे तेवर दिखाने लगीं। उन्होंने कहा कि पालिका की कार्य प्रणाली ठीक नहीं है। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में अधिशासी अधिकारी विजेता गुप्ता, अध्यक्ष रईस अंसारी, अवर अभियंता सुनील यादव, गौरव शुक्ला, प्रकाश कुमार, सभासद अमन सिंह, शीलम, बबलू, कलाम, नूर निशा, रूमन देवी आदि मौजूद रहीं। बैठक के दौरान ही 17 सभासदों ने बहिष्कार का भी एलान कर दिया। नगर पालिका अध्यक्ष रईस अंसारी ने पूरे मामले पर कोई टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि सभासदों की मांग पर बैठक स्थगित की गई है।