तकरीबन साढ़े सात साल पुराने हत्या के मामले में अपर जिला जज (कोर्ट संख्या-4) योगेंद्र चौहान ने एक शख्स को दोषी करार दिया। सीने में चाकू घोपकर हत्या करने के दोषी अपर जिला जज ने उम्रकैद की सजा सुनाई। अभियुक्त पर 20 हजार रुपये का जुर्माना करते हुए आधी रकम मृतक की मां को देने के आदेश भी अपर जिला जज ने दिए।
शाहाबाद कोतवाली क्षेत्र के गहोरा निवासी राजाराम ने 18 जनवरी 2019 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि 18 जनवरी की सुबह उनका पुत्र आकाश घर से निकला था। गांव में प्राथमिक विद्यालय के पास से लौटते समय मकान से करीब 20 मीटर दूर चौराहे पर गांव के मलखान ने उसे घेर लिया था। दोनों के बीच विवाद हुआ और मलखान ने आकाश के सीने पर चाकू से कई वार कर दिए। मौके पर ही आकाश की मौत हो गई थी। घटना की जानकारी होते ही उसका भाई विकास मौके पर पहुंचा तो आरोपी ने उसे भी चाकू लेकर दौड़ा लिया। शोर सुनकर ग्रामीण मौके पर आ गए तो आरोपी भाग गया था।
विवेचना में सामने आया था कि आबादी की जमीन को लेकर दोनों पक्षों में विवाद चल रहा था। इस जमीन पर दोनों परिवार कंडे पाथते थे। घटना से एक दिन पहले मलखान ने राजाराम के कंडे हटाकर जमीन पर अपना दावा जताया था। अगले दिन आकाश ने वहां पहुंचकर कंडे हटा दिए। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ा और मलखान ने चाकू मारकर आकाश की हत्या कर दी थी।
आकाश अपने बड़े भाइयों प्रतिपाल और नीरज के साथ दिल्ली की एक प्राइवेट फैक्टरी में काम करता था और घटना से लगभग एक माह पहले ही गांव आया था। प्राथमिकी दर्ज करने के बाद पुलिस ने मलखान को गिरफ्तार किया था। घटना में इस्तेमाल चाकू आरोपी की निशानदेही पर उसके मकान से बरामद हुआ था। मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से नौ गवाह पेश किए गए। दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने व पत्रावली पर मौजूद सबूत के आधार पर अपर जिला जज ने सजा सुनाई।