हरदोई जिले के टड़ियावां थाना क्षेत्र में आठ साल की मासूम बच्ची के साथ दुष्कर्म के प्रयास के बाद हत्या करने की घटना का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पारिवारिक चाचा ने ही घटना को अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपी को टड़ियावां थाना क्षेत्र के लालापुरवा गांव के पास से रविवार सुबह लगभग साढ़े छह बजे गिरफ्तार कर लिया। न्यायालय में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया।
टड़ियावां थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी आठ साल की बच्ची का शव बृहस्पतिवार को गन्ने के खेत में नग्न अवस्था में पड़ा मिला था। बच्ची के साथ दुष्कर्म किए जाने और इसके बाद गला दबाकर हत्या किए जाने की बात चर्चा में थी। बच्ची की स्लाइड भी पोस्टमार्टम के दौरान बनवाई गई थी। बच्ची के पिता ने गांव निवासी राघवेंद्र के खिलाफ रंजिश के कारण घटना को अंजाम देने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। एसपी केसी गोस्वामी ने घटना का खुलासा करने के लिए पांच टीमें लगाई थीं। रविवार को पुलिस लाइन सभागार में पत्रकार वार्ता में अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी मार्तंड प्रकाश सिंह ने बताया कि जांच के दौरान मुखबिरों और जन्य साक्ष्यों से पता चला कि घटना को गांव के ही युवक ने अंजाम दिया है, जो मृतका का पारिवारिक चाचा है।
रविवार सुबह आरोपी की गिरफ्तारी हुई। पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि उसने नशे में बच्ची के साथ दुष्कर्म की कोशिश की थी। इसी दौरान बच्ची ने शोर मचाना शुरू कर दिया तो उसका मुंह और नाक दबा दी। इसी कारण बच्ची की मौत हो गई। आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। खुलासा करने वाली टीम में टड़ियावां के प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार सिंह, एसओजी प्रभारी ब्रजेश मिश्रा, सर्विलांस प्रभारी आशीष सिंह आदि की भूमिका रही।
घटना का रुख मोड़ने की कोशिश की थी
विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक बच्ची की मौत के बाद आरोपी ने घटना का रुख मोड़ने की कोशिश की थी। उसने शव को फंदे पर लटकाने का प्रयास किया था, लेकिन शव भारी होने के कारण संभाल नहीं पाया। इसके बाद उसने शव वहीं गन्ने की पत्तियों के बीच छिपा दिया।
18 जून को पानीपत से आया था गांव
घटना को अंजाम देने वाला आरोपी पानीपत में मजदूरी करता था। बीती 18 जून को वह पानीपत से वापस गांव आया था। ग्रामीणों का कहना है कि जब वह पानीपत से आता था तो उसके पास रुपये होते थे। खूब रुपये खर्च करता था और शराब भी पीता था। घटना के दिन भी कुछ लोगों ने उसे शराब के नशे में देखा था। आरोपी की शादी नहीं हुई थी तो उसकी रिश्ते की मामी उसके साथ रहने लगी थीं।