लॉकडाउन में घर चलाने के लिए पैसों की मशक्कत ऐसी करनी होगी यह किसी ने सोचा नहीं होगा। गुरुवार को तपिश भरी दोपहरी में ग्राम खेतुई से सात किलोमीटर ट्राइसाइकिल चलाकर दिव्यांग लालाराम 70 वर्षीय दृष्टिहीन मां श्यामकली को लेकर नुमाइश चौराहे के इलाहाबाद बैंक पहुंचा।
लालाराम ने बताया कि दृष्टिहीन मां का जनधन खाता इस बैंक में है। खाते में सरकार ने पांच सौ रुपये भेजे हैं। उसी को लेने के लिए आए हैं। क्योंकि घर पर दो भाई और हैं वह मजदूरी करते हैं, लेकिन लॉकडाउन के कारण काम नहीं मिल रहा है।
इस पैसों से कुछ दिन भोजन की व्यवस्था हो जाएगी। बैंक के बाहर भीड़ होने के बाद भी लोगों ने दोनों की स्थिति को देख उनका कार्य प्राथमिकता पर करने को कहा। बैंक कर्मियों ने भी उनके कार्य जल्दी करवा दिए। वह सात किलोमीटर ट्राइसाइकिल चलाकर मां को वापस ले गया।