पानी में नशीली दवा पिलाकर युवती को अगवा करने, धर्म परिवर्तन कराकर निकाह करने, 10 माह तक शारीरिक शोषण व जान से मारने का प्रयास करने का मामला सामने आया है। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने सात लोगों के खिलाफ कई गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है। पिहानी कोतवाली क्षेत्र के एक गांव की युवती ने पुलिस को दी शिकायत में बताया है कि छह अप्रैल 2024 को मझिया गांव में दवा लेने गई थी। वहां पर उसे लहना निवासी फरीद मिला। युवती ने फरीद से दवा खाने के लिए पानी मांगा। आरोप है कि फरीद ने पानी में बेहोशी की दवा मिलाकर पिला दिया।
बेहोश होने पर युवती को साथियों की मदद से फरीद नीर बहर स्थित ईंट भट्ठा पर ले गया। यहां उसका जबरन धर्म परिवर्तन कराने के बाद निकाह किया। इसके बाद दिल्ली के नांगलोई में ले गया। कुछ दिन हरियाणा के रोहतक में भी रखा। युवती का आरोप है कि उसका लगातार शारीरिक शोषण किया गया। युवती का कहना है कि वह पढ़ी-लिखी नहीं है।
तीन माह पहले फरीद उसे वापस नीर बहर में स्थित ईंट-भट्ठे पर लाया। ईंट भट्ठ से उसे घर ले जा रहा था। रास्ते में कुल्लही पुल पर उसे नहर में धक्का देकर मारने की कोशिश की। किसी तरह वह बच गई और पिता के घर चली गई। मामले की शिकायत पुलिस से की, लेकिन उसने रिपोर्ट दर्ज नहीं की। इसके बाद न्यायालय की शरण ली। अदालत के आदेश पर पिहानी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की गई है। कोतवाल संजय त्यागी ने बताया कि फरीद, फरक्के, उसकी पत्नी श्रीमती, नबी, छोटे, मुन्ना व शमीम के खिलाफ जबरन धर्म परिवर्तन कराने, शारीरिक शोषण करने, मारपीट करने और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने का मामला दर्ज किया गया है।